
छपरा, 10 जुलाई। लोकनाट्य परंपरा के जनक और भोजपुरी के महान लोकनायक भिखारी ठाकुर की 25वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को छपरा के भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में वक्ताओं ने उनके साहित्य और सामाजिक सरोकारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। शहर के प्रवेश द्वार स्थित भिखारी ठाकुर चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। यहां विधान पार्षद डॉ. वीरेन्द्र नारायण यादव ने भिखारी ठाकुर और जीवंत कालजयी साहित्यों की चर्चा करते हुए उन्हें नमन किया।
प्रेक्षा गृह में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि एवं भागलपुर हिन्दी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. रामजन्म मिश्र ने कहा कि “भिखारी ठाकुर को जानना और समझना है तो उनके साहित्य को पढ़ना होगा। केवल उनके नाटक या गीत सुन लेने से उनके व्यक्तित्व और चिंतन की पूरी समझ नहीं बन सकती।” उन्होंने सुझाव दिया कि पुण्यतिथि जैसे आयोजनों में उनके साहित्य का वितरण भी किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों से सीधे जुड़ सके।
साहित्यकार शिवानुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि भिखारी ठाकुर का साहित्य आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। उन्होंने अपने नाटकों और गीतों में स्त्री विमर्श, दलित विमर्श, सामाजिक विषमता, पलायन, अश्लील गीत-संगीत, दहेज और अन्य सामाजिक समस्याओं को जिस संवेदनशीलता से उठाया, वे मुद्दे आज भी समाज के सामने चुनौती बने हुए हैं।
कार्यक्रम के संयोजक राजकिशोर ठाकुर ने भिखारी ठाकुर को मरणोपरांत ‘देशरत्न’ सम्मान प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। उपस्थित लोगों ने करतल ध्वनि से इसका समर्थन किया और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की घोषणा की।
अध्यक्षता एवं संचालन करते हुए डॉ. लालबाबू यादव ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने अपनी नाच मंडली को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया। उन्होंने बेमेल विवाह, नशाखोरी, अंधविश्वास, पारिवारिक कलह, जातीय विद्वेष और सांप्रदायिकता जातीय तनाव, संप्रदायिकता के विरूद्ध अपने साहित्य और मंच के माध्यम से सुधार का प्रयास करते रहे। इस प्रयास ने उन्हें भोजपुरी क्षेत्र में पुनर्जागरण का प्रतीक बना दिया।
इसके पूर्व सारण के चर्चित लोकगायक रामेश्वर गोप ने भिखारी ठाकुर की गीतों की प्रस्तुति से समारोह में समा बांध दी और प्रेक्षा गृह का हॉल तालियों से गूंज उठा।
समारोह को डॉ. सुभाष कुमार, नागेन्द्र ठाकुर हरेकृष्ण ठाकुर, प्रिंस कुमार आदि ने भी संबोधित किया।




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