भगवान की शरण मे गये बिना आत्मा का उद्धार सम्भव नही-गोविन्द जी महाराज

#सुरभि तिवारी
तरैया/सारण :
वाईडीबीएस कॉलेज परिसर में आयोजित संगीतमय भागवत कथा के चौथे दिन संत गोविंद जी महाराज ने कहा की कोई भी मनुष्य भगवान की शरण मे गए बिना अपनी आत्मा का उद्धार नही कर सकता ।कोई भी मनुष्य चाहे किसी भी कुल में जन्म ले अगर वह परमात्मा की अनन्य भक्ति नही करता तो वही मनुष्य बार बार पुनर्जन्म को प्राप्त होता है ।पुनर्जन्म का मूल है सांसारिक विषयो में आशक्ति ।गोविंद जी महाराज ने भक्त ध्रुव,राजा भरत और अजामिल की कथा कहते हुए बताया कि भक्त ध्रुव बालपन में ही भगवान की भक्ति को प्राप्त कर भगवान का दर्शन प्राप्त किये ।राजा भरत अपनी गृहस्थी सांसारिक भोग वासनाओ का त्याग कर वन में जाकर तपस्या करने लगे लेकिन वहां एक मृग शावक के मोह में फसकर अपने आप को बन्धन में डाल लिये और मृग योनि में जन्म ले लिये ।मृग योनि में जन्म लेकर साधु संतों ,ब्राह्मणों का ध्यान करते हुए अपने शरीर का त्याग किये तब ब्राह्मण कुल में जन्म लिए ।तब राजा भरत को यह बोध हुआ कि पुनर्जन्म का मूल कारण संसार के व्यक्ति वस्तुओ में आशक्त होना ही है ।तीसरे जन्म में राजा भरत ब्राह्मण शरीर से भगवान का ध्यान करते हुए अपने शरीर का त्याग किये और भगवान को प्राप्त कर लिए अतः मोक्ष की प्राप्ति के प्रत्येक मनुष्य को सच्चिदानंद ब्रह्म का ही ध्यान करना चाहिए उन्ही के नाम का दीक्षा ग्रहण करना चाहिये और उन्ही के नाम का जप करना चाहिए वे परमात्मा माया और माया के गुण कार्यो से पृथक अपने ही निजधाम में अपने निजस्वरूप से प्रकाशित है ।
*मण्डूकासन से दूर होगी मधुमेह: संत गोविन्द जी महाराज*
योग शिविर के चौथे दिन गोविंद जी महाराज ने उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती देश है पुकार का पुकारती मा भारती ।इस राष्ट्र गान के साथ योगिंग जॉगिंग ,सूर्य नमस्कार ,दंड ,बैठक का नवजवानों ने भरपूर आंनद लिया ।इसके बाद महाराज जी ने मधुमेह के रोगियों के लिये मण्डूकासन, कुर्मासन,हलासन,के साथ ही अपान मुद्रा में नियमित कपालभांति का अभ्यास करने से अग्न्याशय की कोशिकाये सही रूप से कार्य करने लगती है और इन्सुलिन की समस्या समाप्त हो हो जाती है। साथ ही मधुमेह के रोगियों को एक करेला एक टमाटर एक खीरा बराबर वजन का लेकर तीनो का जूस नियमित सेवन करना चाहिए । मनुष्य को स्वस्थ्य दीर्घायु होने के लिये नियमितआसान ,प्राणायाम ,ध्यान योग आदि का अभ्यास करना चाहिये।योग से सारे रोग दूर हो सकते है।प्रतिदिन योग करने वाला मनुष्य हमेशा स्वस्थ्य रहता है।