बेतिया – नरकटियागंज :– हिंदू मुस्लिम के मिलन से अदभूत कार्यक्रम का आयोजन:-दिलशाद

इंसानियत का पैगाम कुरान शरीफ एवम वेद पढ़कर एक शाम इंसानियत के नाम

न्यूज इनपुट चंदन गोयल नरकटियागंज प.चम्पारण बिहार:–

पैगाम ए इंसानियत इत्तेहाद ए मिल्लत तालीमी बेदारी जलसा ग्राम रोआरी चतुर्भुजा में एक शाम इंसानियत के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें वहां के हिंदू और मुस्लिम सभी समुदाय के लोगों ने एक दूसरे के साथ मिल बैठकर आखिरी वक्त तक मजहबी इस्लाम के अनुसार पैगाम ए इंसानियत स्नातन धर्म के अनुसार मनुष्य के कर्तव्य आपसी भाईचारा पर लगातार चर्चाये हुई कार्यक्रम के शुरुआत में तिलावते कुरान शरीफ के साथ साथ स्नातनतन धर्म के ॐ एवं वेद मंत्र उच्चारण से किया गया इस मजलिसे जलसे में मां-बाप की खिदमत बच्चों के रहन-सहन माता पिता के महत्व को बताते हुए समाज के सभी भाग वर्गों को जागरुक करने का कार्य किया गया मजहबी इस्लाम के अनुसार रोज़ा-नमाज की अहमियत पर विस्तृत रूप से चर्चा किया गया। वही क्षेत्र के जाने माने प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता दिलशाद अहमद ने जलसे में अपना विचार रखते हुए मुस्लिम और हिंदू भाइयों को जोड़ने कार्य करते हुए अहम जिम्मेदारी निभाई उन्होंने अपने विचार व्यक्त के दौरान मिलजुल कर बैठे हुए हिंदू और मुस्लिम भाइयों से अपील किया कि इस्लाम धर्म के मानने वाले मुसलमानों को मजहबे इस्लाम के अनुसार चलना चाहिए और स्नातन धर्म के मानने वाले हिंदू भाइयों को वेद के अनुसार स्नातन धर्म एवं मनुष्य को मनुष्य के प्रति अपने कर्तव्य को समझना धर्म का काम है मजहबे इस्लाम के अनुसार मुसलमानों को इंसानियत का पैगाम देने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए हिंदू भाइयों को स्नातन धर्म के अनुसार वेद के विचारों पर चलना चाहिए।

मनुष्य माता-पिता समाज को जोड़ने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए आज जरूरत है समाज के सभी वर्गों को मिलकर राष्ट्र के लिए कार्य करने की ऊंच-नीच से ऊपर उठकर काम करने की जो राष्ट्र हित के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है एक दूसरे से भाईचारा का व्यवहार होना चाहिए जिससे कि सभी समाज राष्ट्र के प्रति संगठित होकर कार्य करें , भाईचारा एक ऐसा शब्द है जो सभी समाज को एक मजबूत कड़ी में बांधकर मुख्यधारा से जोड़ती है और समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने में काफी मददगार है। आज जरूरत ऐसे संगठित होने की जिससे समाज को मुख्यधारा से जोड़ते हुए राष्ट्र के हित के लिए कार्य करें चाहे धर्म कोई भी हो राष्ट्र के प्रति देश के प्रति हमेशा समर्पित रहना चाहिए क्योंकि राष्ट्र में ही धर्म बसता है जलसे में सनातन धर्म पर आचार्य श्री मधुसूदन चतुर्वेदी जी ने विस्तृत रूप से चर्चा किए वही मजहबी इस्लाम पर कारी रियाजुद्दीन साहब पर्दे के मुतल्लिक बयान किए चतुर्वेदी ताजुद्दीन साहब ने कुरान शरीफ और वेद की बातें की नजम के द्वारा मां बाप की अहमियत को कारी इश्तेयाक अहमद ने बताएं साथ ही मौलाना अनवारुल हक ने मां-बाप की खिदमत औरतों के रहन सहन पर विचार किए वही राजू वर्मा ने राबिया बसरिया के वाक्या बताये सनातन धर्म के अनुसार हिंदू भाइयों को चलने के लिए आग्रह किए इंतजामिया कमेटी रियाजुद्दीन साहब पर्दे के मालिक ब्यान की चतुर्वेदी ताजुद्दीन सांगवान शरीफ और वेद की बातें की नजम के द्वारा मां बाप के आए मे आपको काली त्यागा मदन ए बताई साथ ही मौलाना अनवारुल हसन ने मां बाप के खिदमत कर औरतों के रहन सहन पर विचार कि वह राजू वर्मा ने राबिया बहरिया के वाकिया बतलाए स्नातन धर्म के अनुसार चलने के लिए आग्रह किए इंतजाम इंतजामिया कमेटी दिलशाद अहमद की अगुवाई में अहम जिम्मेदारी निभाने वालों में मोहम्मद हारुन रशीद साहब कारी इस्तियाक अहमद राजेंद्र पांडे शास्त्री वाराणसी राघव शरण जी शंभू लाल जी सय्यद सनाउल्लाह सुबह खान नसीम खान आस मोहम्मद सनाउल्लाह हिंदू एवं नौजवान साथियों ने मिलजुल कर अपनी अहम जिम्मेदारी निभाई।