बेतिया :– गौनाहा:– *एक प्रतिशत आरक्षण को सरकार करे पांच प्रतिशत*
न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
*पश्चिमी चम्पारण गौनाहा* प्रखंड क्षेत्र मे अपनी जनजाति का दर्जा मिलने का चौदहवा वर्षगांठ मना रही थारु बहुल लोग इलाकों में हर जगह सोमवार को थारु महोत्सव कार्यक्रम किया । लोगो ने सर्व प्रथम झण्डातोलन किया फिर उसके बाद थारु जनजाति संबंधित झंडा गीत “झंडा उच्चा रहे हमारा जैसे चाँद,आकाश पे तारा”सभी ने मिलकर गाया । इस अवसर पर जगह जगह रंगारंग कार्यक्रम व खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया स्थानीय लोगो के द्वारा किया गया । खासकर महिलायें इस कार्यक्रम मे जमकर झमट्टा नृत्य पर थिरकी । थारू महासंघ के संयोजक दया शंकर पटवारी ने बताया कि आठ जनवरी को हम थारुओं को जनजाति का दर्जा मिला था जिसके आज चौदह वर्ष पुरे हो गये । इसी के उपलक्ष्य में हम थारु जनजाति हर साल थारु महोत्सव मानते हैं । इन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार तो हमलोगों को जनजाति का दर्जा दे दिया परन्तु आरक्षण एक प्रतिशत 
से बढाकर पांच प्रतिशत करें तभी हम थारू जनजातिओं को लाभ होगी अन्यथा ये आरक्षण बेकार हैं । 
वही टहकौल में में रंगारंग हास्य व्यंग्य कार्यक्रम व फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन भी किया जाया विजेता टीम को मटियरिया पंचायत के पंचायत जदयू अध्यक्ष कुन्दन पटवारी ने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया । बताते चले कि महुई, मटियरिया, बेलसंडी, मेहनौल, सीट्ठी,रुपवलिया,गौनाहा,दोमाठ,जमुनिया,धमौरा व धनौजी आदि पंचायतों में थारू महोत्सव का आयोजन के साथ साथ रंगा रंग कार्यक्रम भी किये गये ।
झंडा की विशेषता -झंडा का दो रंग ऊपर उजला जो की सादगी व सच्चाई का प्रतीक है वही 
नीचे हरा जो कि जंगल,हरयाली व खुशहाली का प्रतीक हैं ।
बीच में उगता हुआ सूर्य जो कि रौशनी व भलाई का प्रतीक है ।
नाव खेता नाविक जो कि बढ़ते चलों मंजिल जरूर मिलेगी का प्रतीक है ।
2003 में मिला था जनजाति का दर्जा ।
जिला पार्षद अध्यक्ष शैलेन्द्र गढ़वाल ने बताया कि हमलोग जनजाति की लड़ाई 1971-72से लड़ते आ रहे थे लम्बी लडाई यानि कि 31 वर्षों बाद हमलोगों को जीत हासिल हुई लेकिन आधी-अधूरी जब तक आरक्षण एक से बढाकर पांच प्रतिशत नही कर दिया जाता तब तक लड़ाई जारी रहेगी ।