छपरा। सारण जिला के कद्दावर नेता एवं पूर्व सांसद प्रभु नाथ बाबु के छोटे भाई दिना सिंह के आकस्मिक एवं असामयिक निधन से पूरे जिले में शोक की लहर फैल गई है।
गुरुवार की सुबह परिजनों के फेसबुक से जैसे ही 66 वर्षीय दीना सिंह के निधन की खबर लोगों को मिली मशरक बड़हिया टोला अवस्थित आवास पर शोक व्यक्त करने आम से खास तक बड़ी तादाद में लोग देर शाम तक पहुंचते रहे। मशरक आवास पर दीनानाथ सिंह के अनुज बनियापुर विधायक केदारनाथ सिंह, मदन सिंह, उनके बड़े पुत्र युवराज सुधीर सिंह व राजू सिंह से मिल कर लोगों ने सान्त्वना देते हुए दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इधर दिल्ली एम्स से पोस्टमार्टम व कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव लाने में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पूर्व विधायक पुत्र रणधीर सिंह, दीनानाथ सिंह के पुत्र अभिषेक उर्फ टूटू सिंह, भतीजा अधिवक्ता ऋतुराज सिंह सहित पूरा परिवार मशरक के लिए लिए रवाना हो चुका है। देर रात तक मशरक पहुंचने की बात बताई गई। समर्थकों को उम्मीद है कि छोटे भाई दीनानाथ सिंह की अंत्येष्टि में शुक्रवार को न्यायालय से आदेश मिलने पर पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह भी शामिल होंगे। मशरक अवस्थित आवास पर छपरा, सीवान, गोपालगंज, पटना के अलावा झारखण्ड से भी कई राजनेता व प्रमुख हस्ती, मुखिया, प्रखण्ड प्रमुख, पूर्व जिला पार्षद, पूर्व मुखिया, शिक्षक, व्यवसायी से लेकर पत्रकार तक दिवंगत की अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे है। जब छोटे भाई को चुनाव लड़ाने की दीना ने की पेशकश मशरक के सामान्य परिवार जन्मे दीनानाथ सिंह के पिता बास् सहित उनके पड़ोस में लोग टायर गाड़ी व किसानी से जीवन यापन करते थे। चार भाई व एक बहन में दूसरे नम्बर पर रहे दीनानाथ सिंह ने वर्ष 1977 में उच्च विद्यालय मशरक से बोर्ड परीक्षा दी। 1980 से अपने बड़े भाई के साथ सामाजिक व राजनीतिक गलियारे में रहे। 1985 से लगातार अपने बड़े भाई के साथ सारण के राजनीतिक गलियारे में किंग मेकर की भूमिका में रहे। शोक व्यक्त करने के दौरान मौजूद लोगों ने कहा उन्होंने सैकड़ों युवाओ को प्रेरित कर रोजगार के लिए स्वावलम्बी बनाया।
      कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉक्टर कामेश्वर प्रसाद सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा किआज के इस दौर में इन दोनों भाइयों के बीच एक दूसरे के प्रति भाई भाई का प्रेम जो देखने को मिला है वह हम सब के लिए प्रेरणा श्रोत है। इनके बीच के अगाध प्रेम को देखकर राम लक्ष्मण की जोड़ी याद आ जाती है। सारण जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पूर्व प्राचार्य डॉ कामेश्वर प्रसाद सिंह एवं डॉ जयराम सिंह ने दीना बाबु के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि दीना बाबु के मृत्यु से जो अपूरणीय क्षति हुई है उसे जल्द पूरा नहीं किया जा सकता है। विशेष कर प्रभु नाथ बाबु के लिए बहुत ही दुःखद समय है। भगवान उन्हें और उनके परिवार को इस कष्ट को बर्दाश्त करने की शक्ति प्रदान करे और दीना बाबु को अपने चरणों में स्थान दे।