तीन जनवरी को पत्नी अफसरी ने करा दी थी लखनऊ में पति कमाल की हत्या

परवेज अख्तर/सिवान;
हुसैनगंज. थाना क्षेत्र हरिहांस निवासी स्व. मोतिउर रहमान के 52 वर्षीय पुत्र कमाल अहमद की हत्या उसकी पत्नी अफसरी उर्फ गुड़िया खातून ने अपने प्रेमी नज़मुद्दीन के साथ मिलकर तीन जनवरी को लखनऊ स्थित अपने घर में कर दी थी. प्रेमी पीडब्लूडी का सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा अफसरी का रिश्तेदार है. मामले का खुलासा लखनऊ पुलिस ने पूछताछ में किया है. कमाल की हत्या के बाद उसके शव को लोहे की पेटी में भरकर ठिकाने लगाने लखनऊ से 180 किलोमीटर दूर बस्ती जिला के तरफ ले जा रहे थे, जहां गश्त कर रही पुलिस ने सात जनवरी की रात्रि 1:30 बजे नजमुद्दीन को पकड़ लिया.
परिजनों ने बताया कि आधी रात को पेटी के साथ अकेला देख पुलिस को संदेह हुआ. जिसके बाद नजमुद्दीन से पुलिस ने पूछताछ करना शुरू कर दिया. जब पेटी खुलवाकर पुलिस देखी तो सन्न रह गई. बक्शे में एक युवक की लाश पड़ी थी. पुलिस की दबिश व गहन पूछताछ पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. परिजनों ने बताया कि इस घटना के पूर्व मृतक के भाई अफ़ज़ल ने पांच जनवरी को लखनऊ के ठाकुरगंज थाने में अपने भाई के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस उस मामले की छानबीन अभी कर रही थी कि, अचानक बस्ती जिले की पुलिस ने ठाकुरगंज थाने से संपर्क कर घटना की जानकारी दी. उसी रात दो बजे पुलिस ने मृतक के भाई से संपर्क कर बताया कि बस्ती में एक लाश मिली है, शिनाख़्त के लिए चलना है. पुलिस के साथ आकर अफजल ले 8 जनवरी को बस्ती कोतवाली में शव का शिनाख्त कर भाई कमाल अहमद के शव होने की बात बतायी. परिजनों ने बताया कि कमाल के सिर में गहरी चोट के निशान सहित कमर और बदन पर भी गहरे चोटें थी. इसके पूर्व मृतक की पत्नी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
ज्ञात हो कि मृतक की शादी लगभग 20 वर्ष पूर्व जीबी नगर थाने के दीनदयालपुर निवासी कलाम अहमद की बेटी अफसरी उर्फ गुड़िया के साथ हुई थी. परंतु इन्हें कोई औलाद नहीं था. मृतक बहुत दिनों से खाड़ी देशों में रह रहा था. अपना पैतृक घर छोड़कर लखनऊ में दो जगह मकान बना रखा था. छह माह पहले कुवैत से लौटा था. परिजनों ने बताया कि एक मकान बेंचकर लखनऊ में ही रहकर कोई कारोबार करना चाहता था. जब इसकी जानकारी पत्नी को हुई तो उसने अपनी आजादी पर बंदीश देख प्रेमी से मिलकर पति की हत्या करवा दी. इधर गुरुवार को देर रात शव मृतक के पैतृक गांव हरिहांस शव पहुंचने के बाद उसका दाह संस्कार परिजनों ने कर दिया.
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