मढ़ौरा(सारण) । प्रखंड के कुछ पंचायतों में सरकारी स्कूलों में क्वारेंटाइन सेंटर अभी भी चलाया जा रहा है । ऐसे सेंटर पर दर्जनों की संख्या में देश के रेड जोन से आने वाले प्रवासी कामगार क्वारेंटाइन है । ग्रामीणों को समस्या इनके क्वारेंटाइन रहने से नही रात होते ही बेवजह हंगामा करने से होने लगी है । कुछ स्कूले गांव के अत्यंत सघन बस्ती में है जहां स्कूल के चारों तरफ ग्रामीणों का घर है । क्वारेंटाइन प्रवासी कामगारों के हंगामा सबसे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है वही ग्रामीणों का शांति भी छीन रही है । इन क्वारेंटाइन सेंटर पर सुरक्षा को लेकर एक चौकीदार की भी प्रतिनियुक्ती नही किया गया है । इससे सेंटर पर रहने वाले प्रवासी कामगारों को कोई रोकने वाला नही होता । इससे वे जब भी मन होता है स्कूल से निकल अगल बगल के गांव में घुमने लगते है । सुत्र की माने तो सेंटर पर रहने वाले अधिकांश कामगार शाम ढ़लते ही नशे में होते है । सेंटर पर रोक टोक नही होने से बेखौफ निकल कर शराब का जुगाड़ करके नशे में झुमते सेंटर पर वापस आ जाते है । इसके बाद इनका देर शाम से रात तक हंगामा शुरू होता है जिससे ग्रामीण तंग होते रहते है । कुछ ऐसे ही क्वारेंटाइन सेंटर में मिर्जापुर का बाजित भोरहा, ताल पुरैना और असोइयां का सेंटर भी शामिल है । यहां से इसकी शिकायत मिलनी शुरु हो गयी है ।

क्वारेंटाइन सेंटर पर भोज का भी हैं रहा है आयोजन :

पंचायत के क्वारेंटाइन सेंटर पर पंचायत के ही प्रवासी लोगों को आवासीत किया गया है । पंचायत में अगले वर्ष चुनाव को लेकर भी कुछ लोग इसी बहाने राजनीत भी करने लगे है।प्रवासियों को साधने के लिये सरकारी धोषित सेंटर पर ही कुछ विशेष लोगों के तरफ से भोज का भी आयोजन शुरु हो गया है । मिल रही जानकारी के अनुसार कुछ केन्द्रों पर नेता कहे जाने वाले लगभग लोग उनकी पसंद के अनुसार खाना खिला कर अभी से अपना मतलब साधने के फिराक में है । इस तरह की शिकायत भी मिर्जापुर क्वारेंटाइन सेंटर से प्राप्त हुई है । हालांकि इसकी प्रशासनिक पुष्टी नही हुई है ।