सोनपुर। टोपोलैंड संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोनपुर प्रखंड के अंतर्गत सबलपुर चाई टोला स्थित देवी स्थान परिसर में बुधवार के शाम एक महत्वपूर्ण जनसभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी डी. एन. राय ने की, जबकि संचालन वीरेन्द्र शर्मा ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर टोपोलैंड से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की तथा अपने अधिकारों एवं पैतृक भूमि की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष को और अधिक सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। लोगों ने सरकार से मांग की है कि उनकी जमीन की सुरक्षा, जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगे एवं भु स्वामियों को उनका लगान कटाने पर लगी पाबंदी क़ो चालू करे की माँग करते हुए
संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद सम्राट ने अपने संबोधन में कहा कि टोपोलैंड का मुद्दा केवल जमीन का नहीं, बल्कि लोगों के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति पूरी तरह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लोगों की आवाज को बुलंद कर रही है और इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या दबाव में आए बिना एकजुट होकर अपने हक और अपनी माटी की रक्षा के लिए संघर्ष में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि जनसमर्थन ही किसी भी जनांदोलन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। इसलिए प्रत्येक टोला और पंचायत स्तर पर लोगों को टोपोलैंड के वास्तविक मुद्दों से अवगत कराने, व्यापक जनजागरण अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को संघर्ष से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से युवाओं की भूमिका को आंदोलन की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियां देने और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सभा को धर्मनाथ शर्मा, सरपंच भरत सिंह,बीरेंद्र शर्मा,अशोक साह, बनारसी सिंह, जितेंद्र सिंह, कुमार अरुणेश,अविनाश शर्मा,पवन शर्मा तथा रामजी शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक टोपोलैंड से जुड़े लोगों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष पूरी मजबूती और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
बैठक के अंत में संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि आगामी दिनों में विभिन्न गांवों और टोलों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा तथा जनभागीदारी को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, ताकि टोपोलैंड से प्रभावित परिवारों के अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा की जा सके।