
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हो रहा बन्ध्याकरण
- बढ़ती जनसंख्या के नियंत्रण के लिए आवश्यक है बंध्याकरण
- पकड़ीदयाल में 33, मधुबन में 20 महिलाओं का हुआ बन्ध्याकरण
मोतिहारी, 08 दिसम्बर ।
जिले समेत राज्य में लगातार बढ़ रही जनसंख्या के कारण गरीबी, बेराजगारी तथा महंगाई आदि समस्यायें दिनों दिन बढ़ती जा रही है।ऐसी स्थिति से बचाव के लिए जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण करना आवश्यक है । यह कहना है पूर्वी चम्पारण के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार का। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के स्थायी समाधान के लिए महिला या पुरुषों का बन्ध्याकरण कराया जाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए लगातार स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जगह जगह पोस्टर, बैनर, प्रचार गाड़ी सोशल मीडिया के साथ आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से समय समय पर अस्पतालों में बन्ध्याकरण कराने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है। साथ ही बन्ध्याकरण कराने वाले महिला या पुरुषों को आर्थिक लाभ भी दिया जाता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हो रहा बन्ध्याकरण:
सीएस ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मधुबन में 20 महिला एवं पकड़ीदयाल में 33 महिला का बंध्याकरण किया गया। बन्ध्याकरण में एफआरएच्एस के डॉ इकबाल जावेद, डॉ राजकुमार, शालिनी कुमारी ने बंध्याकरण में सहयोग क़िया। मौके पर एफआरएच्एस के जिला प्रतिनिधि रूपेश कुमार भी मौजूद थे।
जरूरी है परिवार नियोजन:
सीएस ने बताया कि जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए परिवार नियोजन के विभिन्न कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार अति आवश्यक है। परिवार नियोजन कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। देश में बाल-विवाह पर कारगर कानूनी रोक लगायी जानी चाहिए।
पुरुष नसबंदी परिवार नियोजन में है मददगार:
पुरुष बन्ध्याकरण या पुरुष नसबंदी, पुरुषों के लिए शल्यक्रिया द्वारा बन्ध्याकरण प्रक्रिया है। इस क्रिया से पुरुषों की शुक्रवाहक नलिका अवरुद्ध कर दी जाती है।
अब बंध्याकरण है एक सरल प्रक्रिया:
बन्ध्याकरण एक मामूली तथा साधारण सी शल्य क्रिया है किंतु पुरुषों को शल्यक्रिया के पश्चात कम से कम 48 घंटे आराम करना होता है तथा एक सप्ताह तक उन्हें कोई भारी सामान नहीं उठाना चाहिए। एक सप्ताह आराम के बाद ही कोई कार्य आरंभ करनी चाहिए। यदि शल्य क्रिया के बाद तेज बुखार, अधिकाधिक या लगातार रक्त स्राव, सूजन या दर्द होता हो, तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। पुरुष का बन्ध्याकरण करना सुरक्षित और आसान है। महिला बंध्याकरण मे लाभार्थियों को 2000/- एवं पुरुष नसबंदी मे 3000/- दिया जाता है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रवण पासवान ने बताया कि सदर स्वास्थ्य केंद्र मोतिहारी में भी दंपत्तियों को परिवार नियोजन की सभी विधि विशेषकर अस्थायी विधि की जानकारी दी जाती है। जिससे कि लोग इसका लाभ उठा सकें। अस्थायी विधि का उपयोग कर लोग पहले बच्चे तथा दूसरे बच्चे के बीच अंतर रख सकते हैं। इसके अलावा फैमिली प्लानिंग कार्नर द्वारा लोगों को स्थायी विधि के रूप में पुरुष नसबंदी की भी जानकारी दी जाती है। उन्हें बताया जाता है कि पुरुष नसबंदी महिला बंध्याकरण की तुलना में आसान है और इससे पुरुषों की पौरुषता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
परिवार नियोजन की स्थायी व अस्थायी संसाधन है उपलब्ध :
एफआरएचएस के जिला प्रतिनिधि रुपेश कुमार ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में स्थायी व अस्थायी साधन मुफ्त उपलब्ध हैं। जो परिवार स्थायी साधन का इस्तेमाल करना चाहते हैं जैसे कि पुरुष नसबंदी, महिला बंध्याकरण इत्यादि उन्हें अस्पताल में भेज दिया जाता है, जबकि अस्थायी साधन के रूप में अंतरा इंजेक्शन, कॉपर-टी, छाया, माला-एन, इजी पिल्स, कंडोम आदि फैमिली प्लानिंग कार्नर में ही दंपति को उपलब्ध करा दी जाती है। उसके इस्तेमाल और सावधानियों की जानकारी समन्यवक,आशा एवं एएनएम द्वारा दी जाती है।




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