जन्म-दिवस पर याद किए गये गया प्रसाद कटियार
—————————————-
दैनिक खोज-खबर के लिए राकेश सिंह लववंशी
—————————————-
पचरुखी/सीवान :- 
पचरुखी बाजार  स्थित शिक्षक विवेक कुमार पटेल के आवास पर मंगलवार को पटेल चेतना मंच ने  क्रांतिकारी डा• गया प्रसाद कटियार जन्म दिवस पर याद किया।सभा को संबोधित करते हुए जयप्रकाश सिंह ने डा• गया प्रसाद कटियार को नमन करते हुए  कहा कि डा• साहब विदेशी सत्ता के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह के द्वारा भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद करवाने में संघर्षरत रहे ।वहीं समाजसेवी उमेश सिंह पटेल ने कहा कि क्रांतिकारी डॉक्टर गया प्रसाद कटियार ने 1921 के असहयोग आंदोलन में भाग लेकर फिर क्रांतिकारी पार्टी H.S.R.A. में प्रवेश किया | ये विभिन्न फर्जी नामों से देश के विभिन्न स्थानों पर दवाखाना खोलते थे | वस्तुत: उनका क्लीनिक पार्टी का अड्डा होता था ,जहाँ बम बनाने से लेकर पार्टी के दस्तावेज, साहित्य ,केंद्रीय कार्यालय व क्रांतिकारी योजनाएं बनाई जाती थीं |
वहीं सभा को संबोधित करते हुए राकेश कुमार सिंह ने कहा कि बहुत कम लोगों को मालूम है कि इनके फिरोजपुर क्लीनिक में सांडर्स हत्याकांड हेतु सरदार भगत सिंह के केश व दाढी काटे गए थे ।जिसे पंजाब सरकार द्वारा राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो कर दिया है।इन्होंने यह भी बताया कि
भगत सिंह व बटुकेश्वर दत्त द्वारा जिन बमों को केंद्रीय असेंबली में फेंका गया था , उन बमों का निर्माण भी डा• साहब की देखरेख में हुआ था | 
अंततः क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम देते हुए आप 15 मई 1929 को सहारनपुर बम फैक्ट्री का संचालन करते हुए गिरफ्तार हो गए और उनको प्रसिद्ध लाहौर षडयंत्र केस में आजन्म कैद की सजा दी गई ( इसी केस में सरदार भगत सिंह ,सुखदेव एवं राजगुरु को फांसी व अन्य को लंबी-लंबी सजाएं दी गईं ) ।ब्रिटिश हुकूमत ने देश की दर्जनों जिलों में कठोर यातनाएं देते हुए ( कालापानी जेल सहित ) अंततः 17 वर्षों बाद बिना शर्त रिहा किया | 
वहीं  कुमार विपेन्द्र ने कहा कि ऐसे क्रांतिकारी को स्वतंत्र भारत में भी शोषित पीड़ित जनता के लिये संघर्षरत होने के कारण दो वर्षों तक जेलों के मेहमान रहे |मौके पर रमेश कुमार सिंह,रणविजय सिंह,माधव सिंह,उमेश कुमार,सकलदेव सिंह,,कमलेश सिंह,अजय सिंह,भूपेश कुमार,विवेक पटेल,जनार्दन सिंह,उपेन्द्र सिंह,विकास कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।सभी लोगों ने भारत सरकार द्वारा इनके ऊपर डाक टिकट जारी करने का सहर्ष स्वागत भी किया।