छात्राओं को विकसित अग्रिम लाना ही कस्तूरबा का सपना :जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी 
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मुरारी बाबा की रिपोर्ट 
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गड़खा/सारण 
गड़खा प्रखण्ड के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, भैसमरा में कस्तूरबा जयंती के पर बालिकाओं के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें पेंटिंग में अन्नपूर्णा , दौड़ में अंजली एवं संगीत में संजना ने प्रथम स्थान पाया ।कस्तूरबा जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आगत अभिभावकों , जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने विस्तार से प्रकाश डाला । जयंती समारोह की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया अनीता देवी एवं पूर्व जिला पार्षद जयप्रकाश साह ने किया जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री धनञ्जय पासवान ने कस्तूरबा गांधी के स्वच्छ्ता एवं भेद-भाव रहित विचारधारा का पोषक बताया ।उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास के सबसे बडे संग्रामी योद्धा महात्मा गांधी के हर कार्यों में सहयोगी के रूप में कस्तूरबा जी ने अपनी भूमिका निभाई । घर की सुख सुविधाओं को भुलाकर स्वतन्त्रता संग्राम में अपने पति का साथ दिया जो एक महान् कार्य था ।उस ज़माने में गांधी जी के पिता दीवान थे और उनकी माली हालत ठीक थी । कस्तूरबा चाहती तो सुख ऐश्वर्य का जीवन जी सकती थी पर उन्होंने ऐसा नहीं किया । कस्तूरबा जी हमेशा गरीब ,लाचार एवं निम्न जातियों की हितैषी थीं अतः सरकार ने उनके नाम पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय प्रत्येक प्रखंड में खोला जिसमें अनुसूचित जाति एवं जन जाति की बालिकाओं को निःशुल्क एवं समग्र शिक्षा देने की व्यवस्था है । इस मौके पर संचालक अखिलेश्वर पाठक ,वार्डन कुमारी आशा तथा विद्यालय के सचिव किशोरी राय सन्त मुरारी स्वामी बाबा ने अपने- अपने विचार व्यक्त किये । आज हीं के दिन छठी कक्षा में नयी बालिकाओं का नामांकन का कार्य पूरा कर लिया गया ।