राजश्री योजना: भीलवाड़ा की 16 हजार 413 बेटियों को मिला 4.10 करोड रु. का लाभ
15 मई से अनिवार्य होगा भामाशाह कार्ड, राशि आएगी सीधे बैंक खाते में

आज़ाद नेब
भीलवाडा, 4 मई। बेटियों के जन्म को बढावा देने, उन्हें पढा़-लिखाकर सशक्त बनाने के लिये राज्य सरकार द्वारा 1 जून, 2016 से प्रारंभ की गई।
मुख्यमंत्राी राजश्री योजना के तहत जिले में अब तक 16 हजार 413 बेटियों को 4 करोड 10 लाख 32 हजार 500 रू. का भुगतान प्रसूता माताओं के जरिये किया जा चुका है। राज्य सरकार ने योजना में भुगतान प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए अब 15 मई, 2017 से लाभार्थी को भामाशाह कार्ड के माध्यम से भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जायेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.सी. जीनगर ने बताया कि मुख्यमंत्राी राजश्री योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है,योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को विभिन्न चरणों में 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में कई ऐसे परिवार है जो आर्थिक तंगी के चलते अपनी बेटियों की समुचित देखभाल, उनकी पढ़ाई की व्यवस्था नहीं कर पाते है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा बेटियों के हित में इस तरह की योजना शुरू करने से बेटी जन्म को प्रोत्साहन देकर उन्हें आगे बढने के अवसर प्रदान कर सकेगी।भुगतान के लिए गर्भवती महिलाओं को बनवाना होगा भामाशाह कार्ड- 15 मई, 2017 से लाभार्थी को राजश्री योजना का लाभ सीधे बैंक खातों में किया जायेगा। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को अपना भामाशाह कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा। योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व जांच/एएनसी जांच के दौरान अपना भामाशाह कार्ड नम्बर व भामाशाह कार्ड से जुडे बैंक खाते का विवरण निकटतम आंगनबाडी केन्द्र पर एएनएम/आशा/साथिन/आंगनबाडी कार्यकर्ता अथवा राजकीय चिकित्सा संस्थान को उपलब्ध करवाना आवश्यक है। इस कार्य के लिए आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी जब भी फिल्ड में होम विजिट करेगीे तो गर्भवती महिलाओं से भामाशाह कार्ड का विवरण प्राप्त करेगी। स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आंगनबाडी केन्द्रों पर आयोजित होने वाले टीकाकरण दिवसों (एमसीएचएन दिवस) पर जिन गर्भवती महिलाओं द्वारा भामाशाह कार्ड नहीं बनवाने वाली महिलाओं को भामाशाह नामांकन करवाने के लिए प्रेरित करेंगी। जिन गर्भवती महिलाओं का भामाशाह कार्ड अभी तक नहीं बना है, वे अविलंब अपने निकटतम ई-मित्रा केन्द्र पर जाकर भामाशाह कार्ड बनवा सकती है। इसके बाद भामाशाह कार्ड संख्या/नामांकन संख्या की जानकारी निकटतम आंगनबाडी केन्द्र अथवा राजकीय चिकित्सा संस्थान में दर्ज करावे ताकि योजना का लाभ सरलता से बैंक खातों में किया जा सके।
बेटी जन्म पर मिलेगी विभिन्न चरणों में 50 हजार रू. की सहायता- जिला आईईसी समन्वयक अशोक प्रजापत ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से राजकीय चिकित्सा संस्थानों में बेटी के जन्म लेने पर अभिभावकों को 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में प्रदान की जाती है। बालिका के जन्म लेने पर 2500रू., प्रथम वर्षगाॅंठ पर (सभी टीके लगवाने पर) 2500रू, राजकीय विद्यालय में प्रथम कक्षा में प्रवेश पर 4000रू, छठी कक्षा में प्रवेश लेने पर 5000रू,10वीं कक्षा में प्रवेश पर 11000रू तथा 12वीं कक्षा राजकीय विद्यालय से उत्तीर्ण होने पर 25000रू.सहित कुल 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रसूता माताओं को प्रदान की जाती है।




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