छपरा- सीवान रेलखण्ड के दाउदपुर स्टेशन के पूर्वी ढाला संख्या 61/सी के समीप ढ़ाई दर्जन बकरियां कटी, छायी निराशा

#तारकेश्वर प्रसाद/दाउदपुर (सारण)। छपरा- सीवान रेलखण्ड के दाउदपुर स्टेशन के पूर्वी ढाला संख्या 61/सी के समीप शुक्रवार की देर शाम अप व डाउन दो ट्रेनों के क्रासिंग के दौरान चपेट में आने से ढाई दर्जन बकरियों की कट कर मौत हो गई। उनके चीथड़े उड़ गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिसवां गांव निवासी मोहम्मद रसीद मियां की पत्नी हसीना बेगम अपनी 23 बकरियां और उसी गांव के इजराइल मियां अपनी 13 बकरियों को लेकर चंवर में चराने गए थे। अचानक शाम के वक्त वारिश आने पर वे भींगने से बचने के लिए चंवर में स्थित एक पेड़ के नीचे रुक गए। बारिश छूटने के बाद वे अपनी -अपनी बकरियों की झुंड को लेकर घर लौट रहे थे।तब तक अंधेरा हो चुका था। इसी क्रम में वे दोनों रेलवे ट्रैक से बकरियों को पार करवा रहे थे। तभी डाउन ट्रैक से एक ट्रेन की आने की आवाज मिली। जैसे ही दोनों मवेशी पालकों ने डाउन से अप ट्रैक पर बकरियों को हांक कर हटाया। उस ट्रैक पर भी एक एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। देखते ही देखते 8 बकरियों को छोड़ सभी दोनो ट्रेनों के बीच कट कर मर गई। सबक मांस क्षत-विक्षत हो गए। इस घटना के बाद मायुस बकरी पालकों ने बताया कि उन्हें करीब पांच लाख रुपये की क्षति हुई है। बकरी पालन ही उनके परिवार के जीविका का मुख्य साधन था। कई बर्षो से वे बकरी पालन कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। इस हादसे ने उनकी कमर तोड़ दी है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार की सुबह आरपीएफ के जवान सिसवां गांव पहुचे और लोगो को समझाया और चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी पशु पालक लापड़वाही बरतते हुए अपने मवेशियों को रेलवे लाइन पार कराता है तो नुकसान का जिम्मेवार खुद होगा।