बनवार साधपुर – करैलिया सड़क वर्षों से बदहाल,ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपनी कर जताया विरोध

#तारकेश्वर प्रसाद/दाउदपुर (सारण) । छपरा-सीवान एनएच 531 से दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली बनवार साधपुर – करैलिया महत्वपूर्ण सड़क की स्थिति वर्षों से बदहाल बने रहने के कारण शनिवार को क्षेत्रीय ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कोहड़ा बाजार स्थित मस्जिद के समीप सड़क पर जमा पानी में धान की रोपनी कर प्रशासन व क्षेत्र के जन-प्रतिनिधियों के प्रति जम कर आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि जिला प्रशासन को आवेदन देने समेत जनप्रतिनिधियों का भी ध्यान बार-बार आकृष्ट कराने के बावजुद भी बदहाल सड़क से मुक्ति दिलाने के लिए अभी तक कोई कदम नही उठाया गया है। करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क पर साधपुर छतर, बलेसरा, पिलुई, कोहड़ा, नसीरा, चमरहियां गांव तक सैकड़ों भयंकर गड्ढे बन गए हैं। वहीं कई जगह सड़क धंस गई है। हल्की बारिश होने पर भी सड़क पर पानी इकट्ठा हो जाता है। जिससे वाहनों के साथ-साथ पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। वाहन हिचकोले खाते हुए चलते हैं। उबड़- खाबड़ सड़क के कारण हमेशा सड़क दुर्घटनाएं होती रहती है। अभी तक विभिन्न दुर्घटनाओं में दर्जनों यात्री व कोहड़ा बाजार व दाउदपुर पढ़ने जाने -आने वाले छात्र- छात्राएं गिर कर घायल हो चुके हैं। पिलुई व बलेसरा के बीच गंडक नहर के ऊपर बने पुल की स्थिती भी जर्जर हो चुकी है। रेलिंग ध्वस्त हो चुके हैं। अभी तक लोगों को इस सड़क व पुल के पुनरुद्धार को लेकर जन-प्रतिनिधियों से सिर्फ आश्वासन ही मिलता आ रहा है। जबकि आवागमन की समस्या दिनों-दिन जटिल होती जा रही है। आक्रोश व्यक्त करने वालों में ओम प्रकाश कुशवाहा, हसनैन अली, असरफ अली, गामा प्रसाद, मुस्लिम मियां, रामनाथ यादव, राज कुमार राय, जितेंन्द्र प्रसाद, सलीम मियां, मो. दानिश, मिंटू साह, सिकंदर बादशाह, इमामुद्दीन, गोपी पटवा, महेंद्र राम, शमीम मियां, अरशद अली, निशांत कुमार, जफीर खां, फिरोज आलम, सुशील कुमार, नीरज कुमार आदि शामिल थे।