क से कामयाबी :गुरू डा एम रहमानपटना(अनूप नारायण सिंह) : अदम्या अदिति गुरूकुल के डॉ एम रहमान एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी इंसान जो अपने कर्मो के बलबूते ज़िन्दगी जिता आया है। वेद और कुरान के गहन अध्येता हैं साथ ही उनकी उपलब्धियां कई सारी हैं। वो इतिहास विषय के अच्छे जानकार तो हैं ही साथ ही वो इस पर एक उतने ही अच्छे वक्ता भी हैं।
1994-95 में हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर तो किया ही साथ ही नेट के माध्यम से ऋग्वेदकालीन सामाजिक तथा आर्थिक विषयों पर पी○एच○डी○ की उपाधि भी प्राप्त की है। इतनी सारी उपलब्धियों है उनके पास लेकिन उनके विचार कही किसी दूसरी ओर ईशारा करती है उन्होंने ज़िन्दगी को काफी नज़दीक से देखा है इस दौरान उनके कई ऐसे लोगो से मुलाकात हुई जो हर कदम उनका साथ देने वाले भी थे और कुछ ऐसे भी लोग थे जो उनके कदमो को रोकने से हिचकते भी नही थे।
गुरु रहमान एक ऐसे कोचिंग संस्थान को चलाते आये हैं जहाँ वे गरीब और निशक्त तथा असहाय बच्चों को 11 रुपये की राशी पर पढ़ाते हैं तथा कुछ ऐसे भी बच्चे हैं जिनके पालन पोषण का भी ज़िम्मा खुद उनकी संस्थान उठाती है। उनके कई सारे बच्चे आज चाहे IAS पद पर हो या IPS पद पर उनके ही संस्थान से बने हैं और कई ऐसे भी हैं जो ऊँचे पदों पर पदस्थापित हैं। आज बिहार के किसी भी कोणे में उनके द्वारा पढ़ाये गए बच्चों की कमी नही है।इन सब बातों से उनका मनोबल और ऊँचा हो गया है जिसके लिए उन्होंने एक ख़्वाब बुना था एक ऐसा ख़्वाब जो गुरुकुल पर आकर खत्म होता है। एक ऐसे गुरुकुल का निर्माण वो करना चाहते हैं जहाँ से हर गरीब का सपना पूरा हो सके। जिसके लिए उन्होंने अपने संदलपुर वाली ज़मीन को गुरुकुल निर्माण के लिए ही रखा है साथ ही उस जमीन पर अपने ख्वाब की तस्वीर की नीव को भी भूमि पूजन करा साकार करने की और अपने कदम बढ़ा दिया है उनका ख्वाब है अपने गुरुकुल के माध्यम से देश को ऐसे युवा धरोहर देना चाहते हैं जिससे एक नये भारत का निर्माण हो सके। उनके विचारों में वो शक्ति है जिसे परिभाषित नही किया जा सकता। उन्होंने ऐसे कई सारे प्रमाण दिए भी हैं अभी हाल ही में उनके गुरुकुल के ही दो निशक्त छात्रों ने विश्वकीर्तिमान अपने नाम कर न सिर्फ बिहार का नाम रोशन किया बल्कि भारत माँ का सर भी ऊचां कर दिया।




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