• लॉकडाउन के दौरान फसे यात्रियों के लिए खोला गया आपदा राहत केंद्र
• 24 घंटे शुरू रहेगी सुविधाएं
• खाने-पीने व सोने की सुविधाएं उपलब्ध

छपरा.कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग में पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। लॉकडाउन के कारण जिले के अंदर जो मजदूर, रिक्शाचालक, ठेला वेंडर एवं अन्य गरीब जो लोग भी फंसे हुए हैं, उनके लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर शहर के जेपी इंजीनियरिंग कॉलेज में आपदा राहत केंद्र खोला गया है। उनके भोजन और आवासन की व्यवस्था करने को कहा गया है। कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए आपदा राहत केंद्र पर संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। जिलाधिकारी ने कहा इस केंद्र में वैसे लोगों को सुविधा दी जाएगी जो किसी कारण से यहां फंस गए है। उन्हें इस केंद्र पर 24 घंटे सुविधा दी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया इस केंद्र का अपर समाहर्ता विभागीय जांच और  डीआरडीए निदेशक को प्रभारी बनाया गया है।

एक ही जगह होगी रहने और खाने की सुविधा:

डीएम ने कहा आपदा राहत केंद्र में ऐसे गरीब लोगों की भोजन और आवास की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही वहां उनके स्वास्थ्य जांच की भी सुविधा होगी। इसके साथ ही वैसे लोग जो जिले के बाहर फंसे हुए हैं या रास्ते में है उन्हें  स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर वहीं पर भोजन एवं आवास की व्यवस्था  सरकार के खर्चे पर भी की जा रही है।बिहार सरकार द्वारा  फंसे लोगों के लिए भोजन और रहने के साथ ही आपदा राहत केंद्रों पर कोरोना वायरस में संक्रमण की रोकथाम के लिए संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

इन नम्बरों पर करें कॉल:

अपर समाहर्ता ( विभागीय जांच) :9955185596

निदेशक डीआरडीए:9199371901

स्वास्थ्य संबधित सहायता के लिए कॉल करें:

06152-244812
06152-244810
06152-244811
06152-244813
06152-244815
06152-244817
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होम क्वारंटाइन को लेकर कार्यपालक निदेशक ने जारी किया दिशा-निर्देश

• दूसरे देश या संक्रमित राज्य से लौटने वाले लोगों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन में रखने के निर्देश

• बेहतर साफ़-सफाई एवं घर वालों से दूरी जरुरी

जनादेश/छपरा: देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है. जिसमें अधिक से अधिक संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग एवं राज्य भर में आईसोलेशन वार्ड निर्माण शामिल है. इसी कड़ी में दूसरे देश या संक्रमित राज्यों से लौटे बिहार निवासियों के लिए 14 दिनों तक की होम क्वारंटाइन में रखे जाने का फैसला भी शामिल है. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी जिला अधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र लिखकर इसके विषय में विस्तार से दिशा निर्देश दिया है. पत्र में बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति भारत के बाहर से आया हो, विगत 14 दिनों में राज्य के बाहर से अथवा ऐसे क्षेत्रों से वापस आए है, जो कोवीड-19 से संक्रमित हो या ऐसे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हों अथवा कोवीड-19 संक्रमण वेक व्यक्ति के निवास स्थान के आस-पास चिन्हित क्लस्टर में रहते हों, तो ऐसे सभी लोगों को 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहने की जरूरत है। संदिग्ध व्यक्ति को अपने घर में अपने परिवार से अलग हवादार कमरे में रहना चाहिए, जिसमें बाथरूम एवं टॉयलेट कमरे से ही जुड़ा हो. यदि किसी अन्य सदस्य को उसी कमरे में रहना पड़े तो 1 मीटर की दूरी जरुर बनायें। मरीज को मास्क का प्रयोग करना है, जिसे प्रत्येक 6 से 8 घंटे के बाद बदलना है. मास्क को अच्छी तरह से निस्तारण करें ।ऐसे व्यक्ति हाथ की निरंतर साफ़-सफाई करें. इसके लिए हैण्ड वाश, साबुन या अल्कोहलयुक्त सेनेटाईजर का उपयोग करें ।ऐसे संदिग्ध व्यक्ति के इस्तेमाल किये कपडे को परिवार के अन्य कपड़ों से अलग डिटरजेंट से साफ़ करने के बाद एवं अलग से सूखा कर ही उपयोग में लाया जाना चाहिए। संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आए तथा उनके द्वारा उपयोग किये जा रहे सभी चीजें जैसे कपडे, बर्तन, सतह, टॉयलेट एवं कमरा आदि को ग्लोब्स पहनकर डिटरजेंट, डेटोल या लाईजोल से साफ़ करें. ग्लोब्स इस्तेमाल करने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें।साथ ही घर में पीड़ित लोग संदिग्ध व्यक्ति से दूर बनाकर रहे।