कोरोना काल में लॉकडाउन से प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने के मुहिम में लगातार जुटे हैं बिस्कोमान के चेयरमैन सुनील सिंह

पटना(सारण) : करोना संकट और लॉकडाउन की लंबी अवधि के बीच बिहार में सहकारिता आंदोलन के आधारस्तंभ और बिस्कोमान के चेयरमैन सुनील कुमार सिंह छपरा जिले के सोनपुर अनुमंडल अंतर्गत अपने पंचायत डुमरी बुजुर्ग और आसपास के पंचायतों में विगत 35 दिनों से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए दिन रात लगे हुए हैं उनके द्वारा लोगों के लिए किया जा रहा कार्य अब चर्चा के केंद्र बिंदु में आ गया है सुनील कुमार सिंह कहते हैं कि लोगों की समस्याएं गंभीर हैं उस पर किसी का ध्यान नहीं है अगर संकट की घड़ी में लोगों के चेहरे पर थोड़ी सी मुस्कान लाए तो बेहद खुशी होगी. अपने फेसबुक वॉल पर बिस्कोमान चेयरमैन सुनील कुमार सिंह ने अपनाया किया है वे लिखते हैं कि मित्रों लगता है कि Lockdown के दौरान निःसहाय, ग़रीब और जरूरतमंदों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने में मेरा 20 कट्ठा ज़मीन बिक़ कर ही रहेगा।लेकिन मुझे इसकी तनिक भी परवाह नहीं है,क्योंकि इस पुनीत कार्य में मुझे असीम अलौकिक आनन्द की प्राप्ति हो रही है।
मैं सोनपुर अनुमंडल के सभी पैक्स अध्यक्षों एवमं जागरूक नागरिकों से पुनः आग्रह करता हूँ कि यदि अभी भी आपके पंचायत में सामान्य या अन्य किसी भी जाति के वैसे जरूरतमंद लोग जिन्हें सरकार के त्रुटिपूर्ण काला क़ानून या पूर्वजों द्वारा बनाये गए तीन कोठरी से अधिक रूम के मकान के कारण राशनकार्ड उपलब्ध नहीं हो पाया और आज वह भुखमरी के शिकार हैं, तो वैसे मेरे नजर से छूटे हुए किसी भी निःसहाय,गरीब लोगों की सूची मुझे उपलब्ध करायें, ताकि मैं उन्हें 30 दिनों का पूर्ण अनाज एवमं अन्य सामग्री बिस्कोमॉन के कर्मठ कार्मिकों के मार्फत से उनके गाँव और घर तक पहुँचा कर उपलब्ध करा सकूँ।मेरा एक और एकमात्र मोबाइल नंबर 9931000006
मैं इस राज्य के अधिकांशतः माननीय विधायक,सांसद एवमं ख़ासकर भ्रष्ट मंत्रियों से सादर अनुरोध करता हूँ कि आपलोग कोरोना से अपनी प्राण की रक्षा हेतू ग़लती से भी सरकारी आवास से भूख से मरती बिलखती जनता को देखने बाहर मत निकलिये,क्योकि यदि आपलोगों को कोरोना जकड़ लिया तो इतना अरबों रुपये के कागज़ पर दिखाये जा रहे राहत कार्यों के रकम में बंदरबांट कौन करेगा? क्योंकि “ना रही जीव त के खाई घी”
मैं सामान्य एवमं अन्य जाति के प्रत्येक जरूरतमंदों को सहकारी राहत सामग्री कीट में 10 किलो उसना चावल, 5 किलो आटा,2 किलो चना दाल, 1 किलो साबूत चना, 1 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 1 किलो सरसों तेल, 1 किलो रिफाइंड, 1 किलो सत्तू, 1 किलो चूड़ा, आधा किलो ग़ुड़,2 किलो आलू ,2 किलो प्याज और इसके अतिरिक्त मास्क, बिस्कुट, साबुन और मसाला खरीदने के लिए ₹200 नगद भी उपलब्ध कराता हूँ।