🛑 मांडलगढ़ – उप चुनाव 🛑

कांग्रेंस खुश भाजपा मौन निर्दिलिय दांव पर, चिंता उनको लगी है जो ,चले थे दो नावो पर

💢 मांडलगढ़ [ दिलीप मेहता ]..✍🏻 फरवरी 2018 के माह की पहली तारीख को राजस्थान के 3 उपचुनावो के परिणाम पर राजस्थान के साथ साथ पुरे देश की निगाहे भी लगी हुई है । इन 3 उपचुनावो में मांडलगढ़ विधानसभा भी शामिल है । उपचुनाव के कारण मांडलगढ का नाम भी आज देश भर में समाचारो में सुर्खियों मे रहकर छाया हुवा है । भाजपा व कांग्रेस में मुख्य टक्कर होने को लेकर सबकी निगाहे लगी हुई है तथा निर्दलिय गोपाल मालवीय के कारण चुनाव में रोचकता आ गई है । इस चुनाव में बढ़ती महंगाई , बजरी से मजदूरो का बढ़ता रोष , सरकार के प्रति कामकाज को लेकर लोगो का गुस्सा सहित गुटबाजी की झलक दिखाई देने से मामला चर्चित रहा । भाजपा भी इस चुनाव में सुर्खियों में रहकर छाई रही ।

मुख्यमंत्री के 10 दिन में 3 दौरो से भाजपा की हालत कमजोर होने का सबूत जनता की निगाहो में सामने आकर दिखाई दिया । वहीं कांग्रेस के लिये बडे नेताओ के आगमन से पार्टी में मजबूती बनी रही । निर्दलिय प्रत्याशी गोपाल मालवीय ने दोनो दलो की नींदे उडकर मामले को रोमांचक बनाके रखा है क्योकि दोनो दलो का चिंतन था कि वो किसके वोट ले रहा है ? कांटे की टक्कर में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस भारी नजर आ रही है तो निर्दलिय भी अच्छे वोट लेने की कगार पर है । भाजपा की लडखडाती हुई हालत को संभाल कर पटरी पर लाने में जो मेहनत सरकार के काबीना मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने की वह सम्मानजनक साबित होगी वरना भाजपा संगठन की कार्यशैली व गुटबाजी के कारण भाजपा तीसरे पायदान पर खिसकती नजर आती दिखाई देती । अब भाजपा टक्कर में आ खडी है लेकिन कांग्रेस की सेहत व स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पडा है ।

कांग्रेस यह सीट जीत लेती है तो इसका श्रैय सीपी जोशी के साथ साथ अशौक गहलोत , सचिन पायलट सहित जिले के नेताओ व कार्यकर्ताओ व कांग्रेस की टीम को जायेगा ? चर्चा है कि अगर भाजपा यह सीट हारती है तो जिले के भाजपा संगठन में फेरबदल होगा यह तय है। दुसरी और चर्चाये जारी है कि गुजरात की चुनावी हवा भी यहां चलने लगी है और चुनावी रास्ते की सडक पर कांग्रेस आती हुई दिखाई दे रही व भाजपा जाती हुई तथा निर्दलिय की झांकी भी बीच रास्ते में डटी हुई दिखाई दे रही है ??

बाकी देखने वाले या कहने वाले व सुनने वालो के अलग अलग चश्में लगे है जिनका परिणाम रूपी इलाज एक फरवरी को सामने आकर नई दिशा तय कर देगा ….. और वह दिशा किस भाग्यवान की होगी जो जयपुर की टिकट लेने में सफल होगा ? साथ ही वोट देने के दौरान इवीएम मशिन में क्रमवार नाम भी यही दर्शा रहे है जो हकीकत की झलक भी दिखला सकते है ? समझने वालो के लिये यह इशारा ही काफी है या फिर संयोग आप मनन करे ..नहीं समझ में आये तो फिर कल तक इंतजार करे ? बाकी आगे तो फिर ,, राम ही जाने ?? 🤷🏼‍♂🤷‍♀