कम्पाउंडर व ड्रेसर के सहारे मांझी पीएचसी में होता है मरीजों का इलाज

मांझी (सारण) : कम्पाउंडर व ड्रेसर के सहारे मांझी पीएचसी में होता है मरीजों का इलाज। सारण के सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने इस हकीकत को अपनी आंखों से देखा। शनिवार को दोपहर बाद से चिकित्सक व चिकित्सा कर्मियों की अनुपस्थिति की सूचना जदयू नेता निरंजन सिंह ने डीएम को दी। डीएम सुब्रत सेन ने मांझी के बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा से पीएचसी की जांच का निर्देश दिया। शाम को बीडीओ ने जांच कर वस्तुस्थिति से डीएम को अवगत करा दिया। फिर देर रात्रि डीएम के निर्देश पर सीएस ने मांझी पीएचसी की गहन जांच पड़ताल की। जांच में अनेक कर्मी व चिकित्सक नदारद पाए गए। सीएस ने बताया कि अनुपस्थित चिकित्सको व कर्मियों पर करवाई की जाएगी। एक दिन की वेतन की कटौती तथा शो कॉज जारी किया जाएगा। मांझी में पदस्थापित कर्मियों की लापरवाही के साथ साथ उनमें समन्वय के अभाव को भी कारण बताया गया। जदयू नेता निरंजन सिंह ने सीएस से सभी चिकित्सकों व कर्मियों के निलंबन तथा रोगी कल्याण समिति को तत्काल प्रभाव से भंग करने की मांग की है। इससे पहले पूर्व जिला पार्षद पंकज सिंह व छात्र नेता शैलेश कुमार यादव यह मांग कर चुके हैं। सीएस की जांच के बाद कर्मियों में हड़कम्प ब्याप्त है। जानकर सूत्रों के अनुसार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हेमन्त पाण्डेय डॉ रोहित कुमार डॉ विक्रांत तथा डॉ राम नरेश राम सहित फार्मासिस्ट छत्रपति यवग व अन्य कर्मियों पर गाज गिरने की प्रबल संभावना है।