
विवेकानंद सिंह।दैनिक खोज खबर छपरा/मढ़ौरा (सारण)। यद्यपि विश्वप्रसिद्ध खेल कराटे, किसी परिचय का मोहताज नहीं है; फिर भी बता दें कि इस जापानी मार्शल आर्ट, यानी कराटे की शुरुआत 15वीं शताब्दी में जापान के ओकिनावा द्वीप में हुई थी और फिर 1920 के दशक में यह पूरे जापान में लोकप्रिय हो गया। तत्पश्चात् द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह दुनियाभर के कई देशों का रुचिकर खेल बन गया। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इसे 2020 टोक्यो ओलम्पिक में शामिल कर लिया गया, लेकिन अफ़सोस है कि अपरिहार्य कारणों से 2024 में हुए पेरिस ओलम्पिक में इसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। भारत के अन्य प्रांतों के साथ ही बिहार प्रांत के कई छोटे-बड़े कराटे खिलाड़ियों ने इस खेल में एक से बढ़कर एक उपलब्धि हासिल की है, जिसमें नगर पंचायत मढ़ौरा (ज़िला सारण, बिहार) के स्वर्गीय बाबू मनोकामना प्रसाद सिंह के ज्येष्ठ-पुत्र, डा. एन. के. सिंह (पूर्व चिकित्सक, बीएमपी 5-16) की 8 वर्षीया पौत्री, नवी श्री का नाम उल्लेखनीय है।नवी श्री के पिता, सिद्धांत सिंह ने बताया कि नवी, आशियाना नगर, पटना के सेंट मैरीज अकादमी में तीसरी कक्षा की छात्रा है और द चैम्पियंस क्लब, पटना के कराटे प्रशिक्षक, सेंसेई सौरव कुमार (3 डैन ब्लैक बेल्ट) से कराटे सीख रही है और उसकी इच्छा है कि वह इस खेल की सिरमौर्य बने और भारत के लिए विश्वस्तरीय पुरस्कार जीतकर अपने कस्बा, अपने जनपद, अपने प्रदेश के साथ ही अपने देश का नाम ऊंचा करे। नवी श्री के कराटे कोच, सेंसेई सौरव कुमार ने बताया कि बनारस, कोलकाता, पटना आदि में आयोजित विभिन्न कराटे प्रतियोगितायों में भाग ले चुकी नवी श्री ने गिरिडीह में सम्पन्न हुए दो दिवसीय (18 से 20 अप्रैल, 2025 तक) फ़र्स्ट साउथ एशियन कराटे चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में स्वर्ण-पदक जीतकर बिहार प्रांत का नाम रोशन किया है। उन्होंने आगे बताया कि कपूर सिंह मॉडर्न मार्शल आर्ट अकादमी, गिरिडीह एवं वर्ल्ड फूनाकोसी सॉतोकान कराटे एसोसिएशन, झारखण्ड के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित उपरोक्त प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान, अफ़गानिस्तान और मलेशिया के लगभग 350 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसका शुभारम्भ
गत् 18 अप्रैल, 2025 को सलूजा स्टील के चेयरमैन, डॉ.अमरजीत सिंह सलूजा, डॉ. विजय सिंह, देवेंद्र सिंह, राजधनवार प्रमुख गौतम सिंह, संघ के संरक्षक चुन्नूकांतजी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया था।
कपूर सिंह मॉडर्न मार्शल आर्ट अकादमी के सेंसेई उज्जवल सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में नागेंद्र औली, अभिषेक सिंह, शाहबाज हुसैन, श्याम, संतोष कुमार, डॉ. अज्जू हसन सिद्दीकी, निरंजन कुमार और रमेश गुरु कमल ने निर्णय दिया था। गिरिडीह संघ के अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह ने बताया कि नेपाल ने 78 गोल्ड मेडल जीतकर ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब जीता। भारत दूसरे (72 गोल्ड मेडल) और मलेशिया तीसरे स्थान (58 गोल्ड मेडल) पर रहा। प्रतियोगिता के समापन पर डॉ. विजय सिंह, देवेंद्र सिंह, तारकनाथ देव, नवीनकांत सिंह आदि ने खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। जिसमें द चैम्पियंस क्लब, पटना के सात प्रतिभागी शामिल थे, जिनके नाम इस प्रकार हैं – 1. संदीप (गोल्ड), 2. नवी श्री (गोल्ड), 3. सिद्ध बिशेन (गोल्ड), 4. कृति चौधरी (गोल्ड), 5. तेजश (सिल्वर), 6. आदित्य कुमार (सिल्वर), 7. अनुव्रत कुमार (गोल्ड).।




Recent Comments