मढ़ौरा:
पंचायत सचिव राज नारायण प्रसाद के वेतन पर वीडियो ने अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है वीडियो ने कहा है कि पंचायतों में 84 की लूट हो रही है उसमें पंचायत सचिव भागीदार हैं पीने का पानी सरकार की एक महत्वपूर्ण महत्वकांक्षी योजना थी जिससे गांव के गरीब महिलाएं बच्चे बुजुर्ग को सरकार स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना चाहती थी उक्त महत्वपूर्ण योजना को पंचायत सचिव वार्ड सदस्य वार्ड सचिव संवेदक और तकनीकी सहायक सब मिलकर सरकार की योजना को लूट का माध्यम बना लिए हैं इससे लोगों में सरकार और सरकार के पदाधिकारी कर्मी के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है ।
बीडीओ ने प्रखंड के आवास सहायक, कार्यपालक सहायक लेखा सहायक आवास पर्यवेक्षक के वेतन पर उनके कार्य प्रगति रिपोर्ट के आलोक  में रोक लगा दी है । बीडीओ ने इससे सम्बंधित एक पत्र पत्रांक 1288 दिनांक 23 सितम्बर 21 से जारी करते हुए इसकी प्रत प्रतिलिपि मरहौरा एसडीओ जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त सारण को भेजी है पत्र में वीडियो ने कहा है कि दिए गए प्रपत्र की संपूर्ण प्रतिवेदन जब तक ग्रामीण आवास सहायक कार्यपालक सहायक लेखा सहायक और ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक नहीं दे देते तब तक उनका वेतन स्थगित रहेगा लिखे गए पत्र में सभी आवास सहायकों को आवास प्लस की सूची में जितने भी अयोग्य लाभुक शेष हैं उनका रिमांड शीघ्र कराने को कहा है वही एक भी अयोग्य लाभ उपाय जाने पर संपूर्ण जबाबदेही आवास सहायक की होगी ।

पंचायत सचिव से वापस ली वित्तीय प्रभार
बीडीओ ने पंचायतों के पंचायत सचिव से तत्काल प्रभाव से वित्तीय शक्ति पर रोक लगा दी है ।  इस संबंध में सभी बैंकों को सूचना भेजने को कहा है की पूर्व की तिथि से निर्गत की गई चेक का भी भुगतान नहीं करेंगे ।  23 सितंबर के बाद बैंक से रुपए की निकासी होती है तो संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक और लेखापाल भी जिम्मेवार माने जाएंगे ।

मुखिया से भी पूछा कितनी खर्च की गई है राशि
बीडीओ ने पत्रांक 1158 दिनांक 31 अगस्त 21 से एक पत्र प्रखंड के सभी मुखिया और पंचायत सचिव को ही भेजी है । पत्र में पंचायती कार्यकाल समाप्त होने को लेकर पिछले 5 वर्षों में जितनी राशि खर्च या स्थानांतरित की गई है उसके सूची की मांग की गई है । पत्र में पंचम,14 वीं,15 वीं वित्त, सात निश्चय, कबीर अंत्येष्टि योजना के अतिरिक्त किसी भी मध्यम में जो राशि खर्च की गई है उसकी जानकारी देने को कहा गया है ।