संजय विजित्वर (हाजीपुर)- अनुदानित शिक्षकों द्वारा नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया। स्थानीय गांधी आश्रम से अर्थी- जुलूस निकलकर शिवाजी -द्वार के पास समाप्त हुआ। जुलूस को सम्बोधित करते हुए डॉ अभय नाथ सिंह, भावी प्रत्याशी, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सह सहायक प्राध्यापक बी पी एस काॅलेज, देसरी, वैशाली ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में वित्त रहित अनुदानित शिक्षकों का 8 साल का अनुदान राशि बकाया है। जाँच के नाम पर बहाना बना कर अनुदान राशि को रोकने का काम बराबर किया जाता है। पैसा के अभाव में समुचित ईलाज न होने के कारण 42 शिक्षक हाल ही में काल के गाल में समा गए।यह भी कहा कि सरकार वित्त रहित अनुदानित शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है और शिक्षकों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि नीतीश कुमार बोले थे कि 2017 से नियमित मासिक वेतनमान देंगे जो अभी तक लम्बित है । उपस्थित सभी शिक्षकों ने अनुदान के बदले प्रोन्नति के साथ पूर्ण वेतनमान की मांग की और इसके लिए 2 सितम्बर को पटना में कफन बांध रैली निकाली जाएगी का संकेत दिया जिसमें माध्यमिक विद्यालय, इन्टर एवं डिग्री काॅलेज के अनुदानित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी भाग लेंगे। अब करो या मरो की स्थिति में हैं शिक्षक ।इन्हें आन्दोलन के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं दिख रहा। जुलूस में प्रमुख शिक्षकों में प्रो अनिल कुमार, समाजशास्त्र, सत्येन्द्र नारायण सिंह महाविद्यालय, हाजीपुर, बी पी एस काॅलेज, देसरी के प्रो मिथिलेश कुमार सिंह, प्रो शिवचन्र्द महतो, प्रो अमरेश कुमार श्रीवास्तव,डॉ चन्द्र भूषण सिंह शशि, एवं निरसू नारायण काॅलेज के डॉ रामाशंकर सिंह, डाॅ राकेश कुमार आदि थे।