आईजी के आदेश पर 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया गये 688 बदमाश
#गंभीर मामले में 405 को भेजा गया जेल ,
#फरार 11 के यहां कुर्की -जब्ती
#तस्करी का 772 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद
#अवैध बालू में जब्त हुआ 8 ट्रैक्टर
# शराब और अपराध से जुड़े लोगों की खैर नहीं ,अभियान रहेगा जारी – आईजी

पटना : जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां के आदेश पर चलाया गया विशेष छापेमारी अभियान में 24 घंटे के अंदर 688 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया हैं । गंभीर अपराध से जुड़े 405 को सीधे जेल भेज दिया गया वही फरार चल रहे 11 के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गयी ।आईजी ने स्पष्ट कर दिया हैं की शराब और अपराध से जुड़े लोगों की खैर नहीं हैं,ऐसे लोगों को हवालात की हवा जरूर खानी होगी ।
आईजी नैय्यर हसनैन खां का सीधा फंडा हैं जो शराब की तस्करी और अपराध करेगा ,उसे पकड़ कर जेल भेजा जाए । प्रति सप्ताह नैय्यर हसनैन खां अपने जोन के 11 जिलों में अपने निर्देशन पर छापेमारी अभियान चलवाते हैं । बीते सप्ताह के शनिवार के संध्या से रविवार के संध्या तक विशेष छापेमारी अभियान जोन में चलाए । जिसमें 11 जिले के एसपी ,डीएसपी सहित सभी थानाध्यक्ष भाग लिए । इसमें बड़ी उपलब्धि हाथ लगी हैं । 24 घंटे के अंदर 688 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया । इसमें ,गंभीर अपराध से जुड़े 405 लोगों को सीधे जेल भेज दिया गया ।वही फरार 11 अपराधी के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गयी । विशेष छापेमारी अभियान में पुलिस ने देशी-विदेशी 772 लीटर शराब बरामद किया गया हैं ,वही अवैध बालू खनन में लगे 8 ट्रैक्टर को पुलिस ने बरामद किया हैं ।कई हथियार और जिंदा कारतूस भी पुलिस को हाथ लगी है ,वही लग्जरी वाहनों में दो स्कार्पियो, मोटरसाइकिल -6 बरामद हुई हैं ।
पुलिस की मिली सफलता के आकड़े पर गौर करें तो प्रति छापेमारी अभियान के भांति इस बार भी पटना पुलिस नंबर 1 रही और एसएसपी मनु महाराज के खाते में 157 बदमाशों की गिरफ्तारी मिली ।वही दूसरे नंबर पर नालंदा पुलिस रही और इसने 111 लोगों को गिरफ्तार किया ।इसी तरह नवादा पुलिस ने 30 ,गया-62 ,जहानाबाद-26 ,अरवल-33 ,औरंगाबाद-49,रोहतास-83 ,कैमुर-36 ,बक्सर-25 ,भोजपुर-76 बदमाशों की गिरफ्तारी में कामयाबी मिली हैं ।
जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां ने सभी जिले के एसपी और डीएसपी को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया हैं की जिस थाना क्षेत्र में शराब तस्करी और अपराधी के खिलाफ कार्रवाई में सुस्ती की शिकायत मिलती है ऐसे थानाध्यक्षों के खिलाफ रिपोर्ट करें । लापरवाह थानाध्यक्ष के जिम्मे थाना की कमान नहीं सौंपी जा सकती । डीएसपी भी अपने क्षेत्रों में लगातार छापेमारी अभियान में स्वयं भाग लें और टीम को नेतृत्व करें ताकि और अधिक कामयाबी मिले ।