
• विभाग ने शुरू की तैयारी
• प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर के जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ 72 लाख की राशि आवंटित
छपरा/ 15 फरवरी। सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष का लक्ष्य प्रमाणीकरण करने के लिए केंद्रीय टीम 19 फरवरी को मूल्यांकन करने के लिए आयेगी। इसको लेकर सदर अस्पताल में तैयारी शुरू कर दी गई है । आधुनिक सामानों की खरीदारी की जा रही है। प्रसव कक्ष में बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए अत्याधुनिक मशीनों को लगाया जा रहा है तथा जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। यहां बता दें कि राज्यस्तरीय रैकिंग में प्रसव कक्ष को कुल 85 प्रतिशत प्राप्त किए, जबकि मानक के अनुसार 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। राज्य-स्तरीय टीम अपनी रैंकिंग की रिपोर्ट केंद्रीय टीम को भेज चुकी है। अब केंद्रीय टीम द्वारा 19 फरवरी को केंद्रीय टीम प्रसव कक्ष का मूल्यांकन करेगी। योजना के तहत सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर में मिलने वाली सुविधाओ के आधार पर रैंकिंग की जाती है।
19 फरवरी को केंद्रीय टीम करेगी जांच:
सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष का चयन लक्ष्य योजना के तहत किया गया। जिसके तहत प्रसव कक्ष को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए विकसित किया जा रहा है तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। केंद्रीय टीम 19 फरवरी को सदर अस्पताल का निरीक्षण कर क्वालिटी की जांच करेगी। अगर रैंकिंग में 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त होता है तो सदर अस्पताल को तीन लाख रूपये का इनाम मिलेगा।
- 72 करोड़ रुपए की लागत से जीर्णोद्धार:
सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर का 1.72 करोड़ रुपए की लागत से जीर्णोद्धार कराया जायेगा। प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर का जीर्णोद्धार लक्ष्य कार्यक्रम के तहत कराया जायेगा। इस योजना को राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने इसको लेकर का पत्र भी सिविल सर्जन को भेजा है, इसके लिए 1 करोड़ 72 लाख 83 हजार नौ सौ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। सिविल सर्जन के प्रयास से यह संभव हो सका है। इस योजना को स्वीकृति मिलने से सदर अस्पताल के मुख्य भवन का कायाकल्प हो जायेगा।
70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार
तय मानकों के सापेक्ष 70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार दिए जाने का भी प्रावधान है। सांत्वना पुरस्कार के रूप में सदर अस्पताल को 3 लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों या अनुमंडलीय अस्पतालों को 1 लाख एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50000 रुपए दिए जाते हैं।
अस्पताल की गुणवत्ता की जाती है मैपिंग:
सदर अस्पताल अस्पताल की गुणवत्ता की मैपिंग की जाती है। जिसमें कुल 8 तरह के मूल्यांकन पैमाने बनाए गए हैं। इसमें अस्पताल की आधारिक संरचना के साथ अस्पताल में साफ़-सफाई का स्तर, स्टाफ की उपलब्धता, लेबर रूम के अंदर जरुरी संसाधनों की उपलब्धता के साथ ऑपरेशन थिएटर की भी मैपिंग की गयी है। दर अस्पताल का लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रमाणिकरण किया जा रहा है।
प्रसव कक्ष को किया गया सुसज्जित
लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सभी संसाधनों व सुविधा उपलब्ध कराया गया है और लक्ष्य कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष को सुसज्जित कर दिया गया है। प्रसव कक्ष को बेहतर बनाने से मरीजों को सुविधा व सहुलियत हो रही है।
तीन स्तर पर रैंकिंग
लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तीन स्तरों पर रैंकिंग की जाती है। पहले जिला स्तर पर, उसके बाद रिजनल स्तर पर और तृतीय चरण में राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग की जाती है। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 75 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
इन मानकों पर तय होते हैं पुरस्कार
• अस्पताल की आधारभूत संरचना
• साफ-सफाई एवं स्वच्छता
• जैविक कचरा निस्तारण
• संक्रमण रोकथाम
• अस्पताल की अन्य सहायक प्रणाली
• स्वच्छता एवं साफ़-सफाई को बढ़ावा देना




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