15 को मनाए मकर संक्रांति, 40 घटी फल का बन रहा है संयोग : आचार्य त्रिलोकीनाथ
दैनिक खोज खबर डेस्क, छपरा
वर्ष 2019 के मकर संक्रांति को ले एक बार फिर उधेड़बुन की स्थिति बन रही है। कई लोग इस बात को ले उहापोह की स्थिति में है कि इस बार की मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी या 15 जनवरी को।

तो आपको बता दे कि वर्ष 2019 की मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाना अधिक शुभ फलदायी है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए दैनिक खोज खबर टीम ने आचार्य त्रिलोकीनाथ पांडेय से विशेष बातचीत की।
बातचीत में श्री महेन्द्रनाथ पंचांग के प्रधान संपादक आचार्य त्रिलोकी नाथ पांडेय ने बताया कि 14 जनवरी व 15 जनवरी दोनो ही दिनों को मकर संक्रांति मनाया जा सकता है मगर बेहतर है कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाया जाय।

आचार्य श्री पांडे ने बताया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के सिर्फ 20 घटी फल ही पुरे हो रहे है जबकि 15 जनवरी को इसके 40 घटी फल पुरे हो रहे है इसलिए बेहतर है कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाए।
मंगलवार को मकर संक्रांति मनाने को ले आमलोगों में यह धारणा है कि आखिर मंगल को तिल कैसे छुआ जाएगा क्योंकि आमतौर पर मंगलवार व रविवार को तिल नही छुआ जाता।
इसके जवाब में आचार्य त्रिलोकीनाथ जी ने “धर्मसिन्धु” में उल्लिखित श्लोक का वर्णन करते हुवे समझाया :-
” मकरे सूर्ये यदा दिने भौम रविवासरे सर्वदोष विनशकृतः
मकरे स्थिते यदा सूर्यः न तिल दाने दोषः न दोषे मधुरारर्क:”
अर्थात मकर संक्रांति के दिन तिल का दान करने से किसी तरह का कोई दोष नही लगता।

आचार्य त्रिलोकीनाथ पाण्डे जी से बातचीत के दौरान अविनाश चंद्र उपाध्याय व शैलेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
(न्यूज़ इनपुट : विनीत कुमार)




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