​*बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन व सरकार की सचिव स्तर की पटना में 16 मई को तीसरी वार्ता*   
👈चंदन कुमार झा,दैनिक खोज खबर ,मधेपुरा👉
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की राज्य कमिटी के वित्तीय माँगों तथा अन्य माँगों पर अंतिम वार्ता 16 मई 2017  को पटना में सरकार के सचिव व संघ के महासचिव के साथ  10 बजे से 12 बजे के बीच तय हुआ है। प्रदेश महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह व प्रदेश अध्यक्षा चन्दावती देवी  द्वारा “दैनिक खोज खबर ” के पत्रकार को  दी गयी  फोन  पर  संयुक्त बयान में आज उन्होंने कहा कि  16 मई को 12.30 से राज्य कमिटी की बैठक विस्तारित होगी जिसमें सभी परियोजना तथा जिला के अध्यक्ष, महासचिव उपस्थित होकर आगे की रणनीति पर सामूहिक निर्णय लिया जायेगा । बतादें कि  बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की राज्य कमिटी दिनांक 11.05.17 को द्वितीय चरण की वार्ता  सरकार के सचिव से यूनियन के राज्य महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह तथा बिहार एटक के अध्यक्ष सह एक्स विधायक राजेन्द्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव तथा अन्य विभागीय पदाधिकारियों से दो घंटे तक वार्ता  हुई थी , जिसमें वित्तीय  माँगों पर सरकार ने असहमति जताते हुए गैर वित्तीय माँगों पर  सहमति का संकेत है !
प्रदेश महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह व प्रदेश अध्यक्षा चन्दावती देवी  द्वारा “दैनिक खोज खबर ” के पत्रकार को  दी गयी  फोन  पर  आज रविवार 14 मई को संयुक्त बयान में इन्होंने कहा कि तृतीय चरण की वार्ता 16 मई को होनी है  सरकार द्वारा लगभग 7-8 गैर वित्तीय माँगों पर  सहमति बन सकती है , जैसा संकेत दिखाई दे रहा है ! इसके बाद हड़ताल पर आगे का निर्णय लिया जाएगा !
 बताते चलें कि आंगनबाड़ी सेविका सहायिका का धरणा प्रदर्षण पटना के डाक बंगला चौराहे पर 20 अप्रैल 2017  को हूयी थी जिसमें संघ के महासचिव कुमार विंदेश्वर को प्रशासन द्वारा बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग (OSD) से मिलने के लिए प्रतिनिधि मंडल को बुलाया गया था ! 
प्रतिनिघि मंडल में प्रदेश  आांगनबाड़ी संघ ने 10 व्यक्तियों को नामित कर भेजा भी था जिसमें–उषा साहिनी(राष्ट्रीय अघ्यक्ष)कुमार विन्देश्वर सिंह (प्रदेश महासचिव),कुमारी निर्मला(खगड़िया),ललिता सिंह(छपड़ा),सबिना आजमी(किशनगंज),स्वेता कुमारी(रोहतास),मनीषा सिंह(वैशाली),ममता कुमारी सिंह(पू०चंपारण),संतोष कुमार पाण्डेय व रविन्द्र सिंह नामित कर वार्ता के लिए गये थे !
इस वार्ता के बाद कल्याण सचिव ने  कुछ समय मांगा , 
यानि प्रथम चरण की वार्ता असफल रही थी !
द्वितीय चरण की वार्ता 11.05.2017 को हूयी इसमें भी पूरण सहमति नहीं बन पायी ! देखने बाली बात है कि तीसरी चरण की वार्ता जो 16.05.2017 को होनी तय हुयी है पर लाखों सेविका व सहायिकाओं के भविष्य को बना पाती है या यूँ ही इनके हाल पर सरकार द्वारा छोड़ दिया जाता है !
बता दें कि ये सेविका- सहायिका का बिहार  राज्यस्तरीय हड़ताल 24 मार्च 2017 से ही अनिश्चित कालीन चली आ रही है जिसमें इनलोगों ने सोलह सुत्री मांग की है ! इनके हड़ताल को देखा जाय तो क्रमशः पहले प्रखण्ड स्तर ,जिला स्तर और इसके बाद विशाल धरणा 20 अप्रैल  2017 को पटना में हूयी थी !
मांग में इनलोगों ने  16 सुत्री मांग पत्र में कहा है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना तो दूर, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत खेतिहर मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी से भी कम मानदेय राशि दी जाती रही है जिसे खत्म कर वेतन दी जाय व अन्य मांगे भी शामिल है !
*यूनियन की मुख्य मांग पत्र के मुताबिक* ——
आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका के मानदेय को वेतनमान में बदला जाय !
आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए सेविका को क्लास-3 और सहायिका को क्लास-4 के रूप में समायोजित किया जाए !
सेविका को 18,000 और सहायिका को 12,000 मानदेय राशि दी जाय !

चयन रद्द करना बंद किया जाए ! सेवा निवृत्ति, पेंशन, ग्रेच्यूटी और प्रोविडेंन्ट फंड सहित सभी सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ! सेवा काल में मृत्यु होने पर योग्यता अनुसार अनुकम्पा के आधार पर हमारे आश्रितों की बहाली की जाए की तरह अन्य 16 मांगों को रखा है !
देखना यह है कि इस 16 मई 2017 को बिहार सरकार के सचिव से इनके किस किस मांगों पर सहमति बनती है जिससे इनलोगों का दैनिक मजदूरी व बंधुआ मजदूर के आरोपो को समाप्त  होने की बात कहां तक इनके भविष्य को बना पाती है ! इसलिये राज्य भर की सेविका व सहायिका का इस निर्णय पर आँख गराये बैठना लाजमी है !
*देखना यह है कि तीसरी चरण की वार्ता जो 16.05.2017 को होनी तय हुयी है पर लाखों सेविका व सहायिकाओं के भविष्य को बना पाती है या यूँ ही इनके हाल पर सरकार द्वारा छोड़ दिया जाता है*!