91 साल में पहली बार J&K में होगी RSS की एनुअल मीटिंग, शाह भी होंगे शामिल

तासीम अहमद ( Edited by आज़ाद नेब )
नई दिल्ली 17 मई। 1925 में बना राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पहली बार जम्मू-कश्मीर में एनुअल मीटिंग करेगा। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने इसकी पुष्टि की है। 18 से 20 जुलाई तक चलने वाली इस मीटिंग में संघ प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी नेशनल प्रेसिडेंट अमित शाह भी शामिल होंगे। क्या मैसेज देने की कोशिश।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कश्मीर में पत्थरबाजी और सिक्युरिटी फोर्सेस पर हमले किए गए हैं। अलगाववादी ताकतें देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा दे रही हैं।
RSS अलगाववादी ताकतों को ये मैसेज देने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर देश का अटूट हिस्सा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
18 से 20 जुलाई तक होने वाली इस मीटिंग में मोहन भागवत और बीजेपी नेशनल प्रेसिडेंट अमित शाह के अलावा विश्व हिंदू परिषद के कई बड़े नेता शामिल होंगे।
अलगाववादियों तक मैसेज पहुंचाना मकसद
न्यूज एजेंसी ने संघ के सूत्रों के हवाले से बताया- घाटी के बिगड़ते हालात के लिए जिम्मेदार अलगाववादियों को ये मैसेज दिया जाना जरूरी है कि कश्मीर भी इस देश का अटूट हिस्सा है और संघ देश की एकता के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखेगा।
संघ सूत्रों के मुताबिक, पत्थरबाजी और सीआरपीएफ जवानों पर हो रहे हमलों पर भी मीटिंग में विचार किया जा सकता है।
RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने इस मीटिंग की पुष्टि की। कहा- यह प्रांत प्रचारकों की एनुअल मीटिंग है। इसमें पिछले साल किए गए कामों का रिव्यू और इस साल के एजेंडे पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संघ हर साल समर ट्रेनिंग कैम्प लगाता है। जम्मू के रीजनल ऑफिस ने हमें इस मीटिंग के लिए प्रपोजल दिया था, इसे मान लिया गया है।
वैद्य ने कहा, पहले जम्मू में हमारा छोटा ऑफिस था लेकिन पिछले कुछ साल में हमने इसे बड़ा किया है। ये जम्मू-कश्मीर में होने वाली संघ की पहली बड़ी मीटिंग है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में किसी मुद्दे पर फैसला नहीं लिया जाएगा लेकिन विचार सभी मसलों पर होगा।




Recent Comments