हनोतिया में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मनाई जयंती
भण्डारे में हजारों ने किया भोजन ग्रहण
राजस्थान के बारां से फ़िरोज़ खान की रिपोर्ट
बारां 14 अप्रेल। भारत के संविधान निर्माता, डाॅ. भीमराव अंबेडकर की 126वीं जयंती आज आदिवासी अंचल शाहबाद के ग्राम हनोतिया में हजारों व्यक्तियों की उपस्थिति में कलशयात्रा, विचार गोष्ठी, प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा भण्डारे का आयोजन कर धूमधाम से मनाई गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने बताया कि बारां जिले के आदिवासी सहरिया क्षेत्र के गांव हनोतिया में दलितों के मसीहा, भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की नव स्थापित प्रतिमा स्थल पर करीब तीन हजार व्यक्तियों की उपस्थिति में उत्साह एवं उमंग के साथ बाबा साहब की जयंती मनाई गई। 
कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान किए जाने को लेकर एक हजार के करीब महिलाओं की उपस्थिति में भव्य कलशयात्रा निकाली गई। इस अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया जिसमें बाबा साहब की जीवनी तथा उनके द्वारा दलितों के हित में किए गए कार्यो पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित तीन हजार से अधिक स्त्री-पुरूषों ने भण्डारे में सामूहिक भोजन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पानाचंद मेघवाल ने कहा कि 20वीं शताब्दी के श्रेष्ठ चिन्तक, ओजस्वी लेखक तथा यशस्वी वक्ता एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माणकर्ता हैं। विधि विशेषज्ञ, अथक परिश्रमी एवं उत्ष्ट कौशल के धनी व उदारवादी, परन्तु सुदृण व्यक्ति के रूप में डॉ. अंबेडकर ने संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक भी माना जाता है। उन्होनें कहा कि छूआछूत का प्रभाव जब सारे देश में फैला हुआ था, उसी दौरान 14 अप्रैल, 1891 को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था तथा उनके द्वारा समाज हित में कई कार्य किए। कार्यक्रम को पूर्व जिला प्रमुख भरत मारन, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रदीप काबरा, प्रधान निधि चंदेल, उप प्रधान धर्मेन्द्र यादव ने भी संबोधित किया।
बाबा साहब का जयंती कार्यक्रम हनोतिया में बडे स्तर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग तीन हजार स्त्री-पुरूषों ने भाग लेकर बाबा साहब को याद किया। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के शिवचरण मेहता, चितरंजन पाठक, पार्षद शिवशंकर यादव, रामनारायण जाटव, पूर्व जिला परिषद सदस्य कल्लोबाई जाटव, पंचमलाल जाटव, हरिराम ऐरवाल, भोगीलाल जाटव, जाटव विकास समिति अध्यक्ष बाबूलाल जाटव आदि उपस्थित रहे।