साठी में एकदिवसीय जलसा का समापन
✍ दैनिक खोज खबर साठी प.चंपारण शमीम कमर रेयाज़ी के कलम से :-आज साठी के नवमी चौक पे एक बहुत बड़े इजलास (सम्मेलन)का आयोजन किया गया जिसकी अदय्क्षता मौलाना अनीसुर्रहमान क़ासमी पूर्व हज्ज कमिटी चेयरमैन ,महासचिव ईमारत शरिया पटना ने की । जिस में शामिल होने के लिए पूरे जिले से हज़ारों का जनसैलाब उमड़ पड़ा ,जो अपने आप में एक अदभुत दृश्य था ,देश के कोने कोने से आये इस्लामिक विद्ववानों ने अपने परवचन से पूरी रात समा बंधा ।
पटना ईमारत शरिया से आये मुफ़्ती सोहराब साहब दो घण्टे की अपनी तकरीर में मुस्लमानों के आखरी दूत नबी हज़रत मोहम्मद साहब की आइडियल जीवन का व्यख्या करते हुए कहा कि आज के मुसलमान अपने नबी के फरमान को भूल बैठा है । शादी विवाह में दहेज़ जैसे घिनौने कार्य में शामिल होरहे हैं वह निंदनीय हैं । लोग दहेज़ जैसे बीमारी में इस तरह से घिर चुके हैं अपने बेटे को ऐसे बेच रहे जैसे की बाज़ार का कोई चीज़ हो । फिर उस के बाद तलाक के विषय पे बोलते हुए कहा कि तलाक जैसे शब्द को मुसलमान अपने मुंह से निकालने से पहले एक बार अवश्य सोचे की उसकी मां,बहन, भी किसी के घर में हैं अगर यही घटना उसके किसी अपने के साथ घटे तो कैसा महसूस होगा। उन्हों ने शिक्षा पे जोर देते हुए कहा कि शिक्षा मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है शिक्षा एक ऐसी चीज़ है जो इंसान को इंसान बनादेता है । आखिर में दर्शकों से हाथ उठवाकर वचन लिया की दहेज़ जैसे रोग को अपने नज़दीक नहीं आने देंगे और तलाक का शब्द भी कोई प्रयोग नहीं करेगा ।
इस्लामिक विश्वविद्यालय देवबन्द से आये मौलाना शमसाद रहमानी ने कहा कि मुसलमान अपना जीवन नबी मोहम्मद साहब के बताये हुए तरीके पे बिताये तो मरने से पहले और मरने के बाद का जीवन सफल होगा।
मुलमानों का व्योहार ही उसकी पहचान होनी चाहिए चाहे वह किसी भी धर्म के लोगों से मिले। साठी मदरसा के अध्यापक मौलाना मुस्ताक क़ासमी ने साठी की इतिहासिक धरती का परिचय करवाया और महात्मा गांधी का रचनात्मक कार्यों का ब्यख्या किया। आखिर में अध्यक्ष महोदय मौलाना अनीसुर्रहमान क़ासमी ने सामाजिक सुधार पे बहुत ही अच्छी और कारआमद बातें बतायी साथ ही हिन्दू मुस्लिम एकता पर जोर दिया और वही आखरी वक्ता रहे। इनके अलावा मौलाना ए फलक सीतामढ़ी,अब्दुल माजिद पटना, मौलाना शाह आलम क़ासमी सहारनपुर भी शामिल हुए ।
रोज़ माईन एडुकेशनल ट्रसट की ओर से फ्री मेडिकल सुविधा की व्यस्था दर्शकों के लिए की गई थी । टरस्ट के जिला कॉर्डिनेटर मो. शहाबुद्दीन थे और उनके सहयोग श्री जफीर हसन ने की , इस जलसा का मंच संचालन की ज़िम्मेदारी मास्टर अशरफ ने बहुत खूब निभाया। आयोजन कर्ताओं का धन्येवाद के साथ अध्यक्ष महोदय की दुआ के साथ प्रातः चार बजे जलसा संपन्न हुवा ।




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