बेतिया – योगापट्टी:– छठ घाटों का निरीक्षण करते राजद नेता गुड्डू शिंह
✍न्यूज इनपुट तबरेज अजीज योगापट्टी (पं.च) बिहार:–
योगापट्टी दौरे के दौरान ने पूर्व प्रत्याशी राजद नेता रड़कौशल प्रताप उर्फ गुड्डू सिंह छठ घाटों का निरीक्षण किया मंगलवार को उन्होंने नवलपुर माई स्थान घाट पिपरा नौरंगिया निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि आस्था के इस महापर्व की तैयारी होनी चाहिए श्री गुड्डू सिंह कहा की आज से ‘नहाय-खाय’ के साथ लोक-आस्था के महान पर्व छठ के चार-दिवसीय आयोजन का आरम्भ हो रहा है। छठ सूर्य की उपासना का लोक-पर्व है। हमारे अनगिनत देवी-देवताओं में से एक सूर्य ही हैं जो हमेशा हमारी आंखों के सामने हैं। पृथ्वी पर जो भी जीवन है, उर्वरता है, हरीतिमा है, सौंदर्य है – वह सूर्य के कारण ही हैं। सूर्य न होते तो न पृथ्वी संभव थी, न जीवन और न पृथ्वी का अपार सौंदर्य। मुख्यतः बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश,,झारखण्ड और नेपाल की तराई के कृषक समाज द्वारा मनाए जाने वाले इस चार-दिवसीय पर्व की शुरुआत कार्तिक के शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को तथा समाप्ति कार्तिक शुक्ल पक्ष की सातवीं तिथि को होती है। इस दौरान व्रतधारी बिना अन्न-जल के लगातार छत्तीस घंटों का व्रत रखते हैं। अन्न-जल के त्याग के साथ ही उन्हें सुखद शैय्या का भी त्याग कर फर्श पर कंबल या चादर बिछाकर सोना होता हैं। निश्छल लोकगीतों के साथ छठी तिथि की शाम को डूबते और सातवी तिथि को प्रातः उदित होते सूर्य को नए कृषि उत्पादों और दूध के साथ अर्घ्य देने के साथ पर्व का समापन होता है। इन चार दिनों में घर से लेकर देह और मन तक की पवित्रता का जैसा ध्यान रखना होता है, वह बहुत दुःसाध्य है। इस पर्व को हठयोग भी कहा गया है। परंपरा यह भी है कि घर में किसी की मृत्यु के अलावा अन्य किसी स्थिति में भी इस पर्व में व्यतिक्रम नहीं आना चाहिए। व्रती के वृद्ध या बीमार होने के बाद व्रत का भार अगली पीढ़ी की किसी विवाहित महिला या पुरुष को हस्तांतरित कर दिया जाता है।मौके पर मुंसी ठाकुर , राजा कुमार आदि लोग मौजूद रहे।




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