👉बुधवार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र में तदनुसार २८ नवंबर २०१८ को सीवान शहर के महादेवा , मालवीय नगर स्थित डाक्टर के. डी.  रंजन  के क्लिक में आयोजित किया जाएगा स्वर्णप्राशन संस्कार👈

👉भारतीय आयुर्वेद  में जन्म से लेकर सोलह साल के उम्र  तक के  बच्चों में  रोगप्रतिरोधक  क्षमता यानि इम्यून सिस्टम को मजबूर करने के लिए किया जाता है स्वर्णप्राशन संस्कार 👈


✍नवीन सिंह परमार
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♨सीवान : सीवान के  नौनिहालों अर्थात  जन्म से लेकर सोलह साल के उम्र  तक के  बच्चों में  रोगप्रतिरोधक  क्षमता यानि इम्यून सिस्टम को मजबूर करने के लिए बुधवार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र में तदनुसार २८ नवंबर २०१८ को  शहर के महादेवा , मालवीय नगर स्थित डाक्टर के. डी. रंजन  के क्लिक में  स्वर्णप्राशन संस्कार आयोजित किया जाएगा । उक्त जानकारी आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर के. डी.रंजन  ने दी । उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार स्वर्णप्राशन संस्कार से  बच्चों को सर्दी, जुकाम, अतिसार, वायरल रोगो से बचाया जा सकता  है,  साथ ही साथ उनकी मेधा,  बुद्धि,स्मृति को बढाया जा सकता  है।
डाक्टर के. डी . रंजन  ने बताया कि स्वर्णप्राशन संस्कार से बच्चों में बार-बार प्रयोग  होने वाली एंटीबायोटिक के दुष्परिणामों से भी बचाया जा सकता है ।
        उन्होंने बताया कि  आयुर्वेद में महर्षि काश्यप व  सुश्रुत ने सर्वप्रथम इसका प्रयोग  किया था। यह बच्चों में  रोगप्रतिरोधक  क्षमता यानि इम्यून सिस्टम को मजबूर करता है।इस से  बच्चों मे रोगो से लडने की क्षमता बढती है।उसे बार-बार एन्टीबायोटिक नही देना पडता है।स्वर्ण प्राशन मे बच्चों को शुद्ध स्वर्ण भस्म, गोघृत, शंखपुष्पी,अश्वगंधा, आदि औषधियो का मिश्रण दिया जाता हैं।यह संस्कार पुख्य नक्षत्र मे किया जाता हैं।इन औषधि का संग्रह भी पुख्य नक्षत्र में  होता हैं।डा रंजन ने अन्त में  आम लोगों से अपील किया कि वे बुधवार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र  तदनुसार २८ नवंबर २०१८ को  शहर के महादेवा , मालवीय नगर आकर अपने नौनिहालों अर्थात  जन्म से लेकर सोलह साल के उम्र  तक के  बच्चों को   स्वर्णप्राशन संस्कार जरूर करावावें।