बिगड़ी कानून व्यवस्था पर हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित
आज़ाद मोहम्मद नेब ब्यूरो चीफ़ राजस्थान 
जयपुर 25 अप्रैल। राजस्थान विधानसभा में आज प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ तो सदन की कार्यवाही को एक घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।
राज्य विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के उपसचेतक गोविन्द सिंह डोटासरा ने सीकर में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला उठाते हुए कहा कि बच्चों के आपसी झगड़े को सांप्रदायिक रंग देकर एक ही दिन में जिले के कई पुलिस उच्चाधिकारियों को लाईन हाजिर एवं स्थानांतरण करने के कारण आरोपियों को पुलिस का कोई भय नहीं रहा और दिन में ही मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को एक साथ वहां से हटाने से पुलिस का मनोबल भी कमजोर हुआ है।
इस पर गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने जबाब देते हुए कहा कि कल सीकर में मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इस घटना के दोषियों को शीघ्र पकड़ा जाएगा। इस बीच प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर डूडी ने भी आसन से अनुमति लेकर एक अप्रैल को अलवर जिले के बहरोड़ कस्बें में गौतस्करों के साथ लोगों द्वारा मारपीट कर पहलू खां की हत्या करने का मामला उठाया। कटारिया ने कहा कि उसी दिन धारा 308 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है और पहलू खां की बाद में मौत होने पर अब मामला धारा 302 के तहत बन गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गौतस्कर छह गाड़यिों में गायों को ले जा रहे है तो नाकाबंदी कराई गई और चार गाड़यिों से 28 गौवंश मुक्तकरा कर गौशला में भेजा गया। इस बीच सूचना प्राप्त हुई कि ग्रामीण बहरोड़ के पास दो गाड़यिों में गाय ले जा रहे गौतस्करो से मारपीट कर रहे है तो पुलिस ने वहां से घायलो को अस्पताल पहुंचाया और बाद में पहलू खां की मौत हो गई।
कटारिया द्वारा पहलू खा को गोतस्कर बताने पर डूडी ने पहलू को गोतस्कर नहीं होकर गोपालक बताया तो सत्तापक्ष के लोग ज्ञानदेव आहूजा एवं फूलचंद भिण्डर जोर जोर से बोलने लगे। इस दौरान विपक्ष के सदस्य भी आसन के सामने आ गए और शोरशराबा बढ़ गया। काफी देर हंगामा होने के बाद सदन की कार्यवाही को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने गौतस्कारों के साथ मारपीट करने वालों को विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता बताया जबकि सत्तापक्ष के सदस्य मारपीट करने वालों को ग्रामीणों की भीड़ करार दिया।
इस बीच आसन की ओर से पहलू खा एवं सीकर वाले मामले में जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया लेकिन शोर शराबा कम नहीं हुआ।
गृहमंत्री ने बताया कि बिना वैध कागजात के प्रदेश से गौवंश का परिवहन करने वाले को तस्कर कहते है और पहलू खां सहित अन्य वाहनो के पास गौ परिवहन के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए और उनके पास नगर निगम की रवाना पर्ची पाई गई जो गौ परिवहन करने की अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को साम्प्रदायिक रंग देकर राजनीति कर रही जबकि गौतस्करी करने वाला न हिन्दु है और न हीं मुस्लमान है वह केवल तस्कर होता है।
उन्होंने कहा कि मावली में भी बंजारा जाति के लोगों के खिलाफ भी गोस्तकरी करने के लिए कार्यवाही की गई है लेकिन कांग्रेस मुस्लमानों को वोट बैंक मानते हुए इस मामलों को उठाकर राजनीति कर रही है।