नालन्दा:तेतरावां,जहाँ भगवान बुद्ध भी खेलते हैं होली

कुमुद रंजन सिंह”दैनिक खोज खबर”नालंदा:नालंदा जिले के तेतरावां गांव में होली मनाने की एक अनूठी परम्परा रही है। यहाँ पालकाल से हीं ग्रामीण लोग भगवान बुद्ध (जिसे यहां के लोग बाबा भैरो के नाम से पुकारते हैं) के लोग होली का समापन बुद्ध की विशाल काले पाषाण की मूर्ति के साथ सामूहिक रूप से रंग-गुलाल लगाकर मनाते है। ये बातें यहां के पुजारी ललन पाण्डेय व चुन पाण्डेय ने कही आगे उन्होंने बताया कि सामूहिक पूजा के पहले इसे अच्छी तरह से धोया जाता है जिसके बाद घी का लेप लगाकर सफेद चादर चढ़ाया जाता है। उसके बाद सामूहिक लोक होली गान गाते हैं।

बुद्ध की यह प्रतिमा संभवतः एशिया की सबसे बड़ी काले पत्थर की प्रतिमा है।लेकिन आज भी यह उपेक्षा का दंश झेल रहा है। इस संस्कृति को सरकार व प्रशासन का सहयोग मिले तो तेतरावां व नालंदा का ख्याति विश्व पटल और भी फैलेगा।