छपरा-आरा पुल का नामकरण कब होगा ! उद्घाटन की तिथि आ रही है नजदीक
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दिग्विजय सिंह बबलू की रिपोर्ट
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डोरीगंज(सारण)
छपरा-आरा पुल के उद्घाटन की संभावित तिथी जैसे -जैसे नजदीक आ रही है,वैसे वैसे नामकरण को ले दो जिलों के लोगों के बीच चर्चा का बाजार गर्म होता जा रहा है। वही नामकरण को ले जिला प्रशासन, पुल निगम व राज्य सरकार के तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट रूख नहीं दिखाई दे रहा है। वैसी स्थिति में लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं । कोटवा दियरा संघर्ष समिति एक तरफ तीन सूत्री मांग में लोक कवि भिखारी ठाकुर के नाम पर पुल का नामकरण कराने को ले 8 जून से बहुत बड़ा काम रोको आंदोलन करने जा रही है। वहीं चिरांद व आसपास के लोग इस पुल का नामकरण राजा मोर्यध्वज के नाम पर करने के लिए विभागीय पत्राचार भी कर चुके है। तो तीसरी तरफ आरा के लोग व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ बाबू वीर कुंवर सिंह के नाम पर पुल के नामकरण कराने को ले प्रयासरत है। सभी तीनों दलों के अपने अपने दलीले हैं । कोटवा दियरा संघर्ष समिति कहती है कि भिखारी ठाकुर के जन्म स्थली को चीरकर पुल बना है जिसके कारण पुल का नाम भिखारी के नाम पर ही होना चाहिए । वहीं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के अनुसार यह पुल आरा व छपरा को जोड़ रहा है। वीर कुंवर सिंह का आरा व छपरा से गहरा लगाव था । इसलिए पुल का नामकरण कुंवर सिंह के नाम पर हो। वहीं चिरांद व आसपास के लोगो का कहना है। राजा मौर्यध्वज एक महादानी राजा थे और पुल चिरांद परगाना से बन रहा है। जिसका लंबा एक इतिहास भी है। वही अभी तक अधिकारिक तौर पुल के नामकरण को ले कुछ भी नहीं कहा जा रहा है।




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