​कटिहार:डीलरों को बिना वजन किए मिलता है खाद्दान्न

“दैनिक ख़ोज खबर” के लिए कटिहार से *रुपेश कुमार* की रिपोर्ट

कटिहार जिले के फलका प्रखंड के बीएसएफसी के गोदाम प्रबंधक की मनमानी का मामला प्रकाश में आया है।
कटिहार जिले के फलका प्रखंड मुख्यालय स्थित बीएसएफसी गोदाम प्रबंधक की अफसरशाही चलती है। एक तरफ सरकार लाभुकों को राशन-किरासन समय से वितरण की बात करती है और दूसरी तरफ अफसरशाही में डीलर को समय से नहीं मिलता है अनाज। कम वजन मिलना कहां तक सही है। इस संदर्भ में डीलर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि नियमानुसार अनाज जीपीएस वाहन द्वारा घर तक पहुंचाने का प्रावधान है। लेकिन गोदाम प्रबंधक की मिलीभगत से हम लोगों को चढ़ावा देने के बाद ही खाद्दान्न उपलब्ध होता है। औसतन 52 किलो की वजन पर बोरा सहित अनाज दिया जाता है जबकि बोरा बाद कर देने का नियम है। उस पर भी हजार दो हजार गोदाम प्रबंधक को चढ़ावा देना पड़ता है। चढ़ावा नहीं देने पर समय से अनाज नहीं मिलता है, आज-कल कहके दौड़ाते रहते हैं। प्रबंधक को चढ़ावा नहीं देने पर सड़ा गला अनाज दिया जाता है। जो लोगों को खाने लायक नहीं रहता है। उस पर भी पल्लेदार मोहम्मद इकबाल को ₹200, ठेकेदार मुंशी को ₹100, कंप्यूटर ऑपरेटर ₹100 देने के बाद ही डीलर के गोदाम तक अनाज पहुंचता है।
इस संदर्भ में गोदाम प्रबंधक प्रवीण कुमार से पूछे जाने पर कहा कि आप हमारे पदाधिकारी हैं, जो सारा बात आपको हम बताएंगे। उन्होंने कुछ भी बताने से परहेज किया। इससे जाहिर होता है कि इस अनियमितता में सभी कर्मी संलिप्त हैं।
बताते चलें की सरकार के आदेशानुसार ठेकेदार को डीलर के दुकान तक बोरा बाद कर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन करके अनाज देने का आदेश है। फिर भी डीलरों को अनाज के लिए गोदाम का चक्कर लगाना पड़ता है।
भाजपा के प्रखंड युवा अध्यक्ष अनुज कुमार ने कहा कि गरीबों की हक मारने वाले पर कानूनी कार्रवाई होगी। इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई है। आगे उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी द्वारा समय-समय पर बीएसएफसी गोदाम की जांच होनी चाहिए। ताकि हो रहे अनियमितता पर अंकुश लग सके।
 प्रखंड युवा अध्यक्ष