अंता:दुनियां जिस भूख से डराती हे इस्लाम ने उसे इबादत बना दिया
गूंज रही कुरआन की तिलावतें, इबादत का दौर जारी
उस्मान खान
अंता 20 जून-रहमत व् मगफिरत के महीने रमजान मुबारक के दौरान मुस्लिम समाज में एक अलग ही नजारा दिखाई दे रहा हे । मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ रही हे । घरों से लेकर मस्जिदों में एक विशेष नमाज अदा की जा रही हे ।वहीँ कुरआन की तिलावत की सदा बुलन्द हो रही हे । जगह जगह रोजा अफ्तार कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हे । जहाँ छोटे छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग रोजेदार शामिल हो रहे हे जिन्हें बड़े ही सुकून व् अदब के साथ रोजा अफ्तार कराया जा रहा हे । बुजुर्ग हाजी हाफिज अब्दुल शकूर अंसारी ने रोजे की फजीलत बयान करते हुए बताया की रोजा खाना पीना छोड़कर वजन कम करने का नाम नहीं हे , बल्कि गुनाह छोड़कर अपने गुरुर को खत्म करने का नाम है।
दुनियां जिस भूख प्यास से डराती हे इस्लाम ने उसे इबादत बना दिया । दूसरी और रमजान के दौरान मस्जिदों में जुमे के दिन नमाजियों की भीड़ उमड़ रही हे । मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में सुबह से लेकर रात तरावीह की नमाज तक इबादत का दोर जारी हे । मासूम बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों में रोजे का जूनून छाया हुआ हे । वहीँ जेसे जेसे ईद नजदीक आती जा रही हे बच्चों में काफी खुशी देखी जा रही हे ।लोग ईद की खरीदारी में जुट गए हैं ।बाजारों में ईद की खरीदारी को लेकर रौनक छाई हुई हे । वहीँ ईदगाह कमेठी की और से ईदगाह की साफ सफाई व् रंग रोगन का काम किया जा रहा हे ।




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