
छपरा ।
समाहरणालय सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा कहा गया कि बैंक रोजगार सृजन हेतु ऋण उपलब्ध कराने में आगे आयें। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना संकट के समय बहुत से स्क्लि्ड प्रवासी अपने घर वापस आये हैं और अब यहीं रोजगार शुरू करना चाहते हैं। परन्तु उनके पास पूँजी नहीं है। बैंक आगे आकर ऐसे लोगों को स्वरोजगार/उद्योग लगाने हेतु ऋण उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में 200 से अधिक बैंक की शाखायें हैं अगर प्रत्येक बैंक कम से कम पाँच व्यक्ति को उद्योग- धंधा प्रारम्भ करने हेतु ऋण मुहैया कराये तो इससे कम से कम एक हजार प्रवासी अपना रोजगार शुरू करेंगे और इससे कम से कम 20 हजार लोग जुड़कर लाभान्वित होंगे। धीरे-धीरे यह कारवा चल पड़ेगा और फिर लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि एवं कृषि से जुड़ी सहायक कार्यों डेयरी, बकरी पालन, पॉल्ट्री, मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ है। जिलाधिकारी के द्वारा जिला पषुपालन पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, उद्योग महाप्रबंधक को निदेष दिया गया कि एक-एक इच्छुक व्यक्ति को खोजकर आवेदन दिलवाएँ तथा बैंक से समन्वय स्थापित कर उनका ऋण स्वीकृत करायें। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि सारण जिला में क्रेडिट-डिपोजिट अनुपात मात्र 26.98 प्रतिशत है। जिसमें एक और यूको बैंक का 49, कारपोरेशन बैंक का 47, आई सीआई सी आई बैक का 45, कैनरा बैंक का 40, आईडीबीआई का 40, एक्सिस बैंक 43 प्रतिशत है वहीं दूसरी ओर भारतीय स्टेट बैंक का 18, सेन्ट्रल, बैंक का 17 पंजाब नेषनल बैंक का 12 बैक आफ इण्डिया का 16 प्रतिशत हीं है। जिलाधिकारी के द्वारा सी-डी रेषियो बढ़ाने का निदेश दिया गया और कहा गया कि लोन के जो भी अवेदन लम्बित हैं उसका एक सप्तह में निष्पादन किया जाय। उप विकास आयुक्त को दस दिनों बाद पुनः इसकी समीक्षा करने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन बैंकों का परफार्मेंस अच्छा रहेगा सरकारी पैसा उसी बैंक में रखा जाएगा जिलाधिकारी के द्वारा जीविका समूहों द्वारा ऋण के लिए दिये गये आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया इस संबंध में डीपीएम जीविका को बैंक के साथ जरूरी समन्वय स्थापित करने का निदेष दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री अमित कुमार, अग्रणी जिला प्रबंन्धक सुजित कुमार, जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मात्स्यिकी पदाधिकारी और विभिन्न बैंक के जिला समन्वयक उपस्थित थे। जिस बैंक के समन्वयक उपस्थित नहीं थे जिलाधिकारी के द्वारा एलडीएम को निदेष दिया गया कि उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाय।




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