सीवान : शिक्षा समिति के चुनाव के दौरान पूर्व सचिव के पति ने मचाया तांडव

—————————

✍दैनिक खोज खबर के लिए विपेंद्र कुमार की विशेष रिपोर्ट

—————————
पचरुखी/सिवान : पचरुखी प्रखंड के मध्य विद्यालय सुरवाला में विद्यालय शिक्षा समिति के चुनाव के दौरान ,समिति के पूर्व सचिव के दबंग पति व उसके उदंड बेटों ने जमकर उत्पात मचाया।जिससे विद्यालय परिसर में घंटो अफरा तफरी का माहौल बना रहा। कथित दबंगों द्वारा चुनाव की प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की गई।इस संबंध में बर्तमान अध्यक्ष ने जीबी नगर थाना को आवेदन देकर कार्रवाई हेतु थानाध्यक्ष से गुहार लगाई है।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि शनिवार को मध्य विद्यालय सुरवाला में विद्यालय शिक्षा समिति के चुनाव के दौरान उसी गांव के मेघू साईं,अशरफ साईं,अमजद अली,रूस्तम साईं एवं मुराद अली सहित दर्जन भर अज्ञात लोगों के द्वारा संकुल समन्वयक सह निर्वाची पदाधिकारी व छात्रों की माताओं पर हमला एवं अभद्र व्यवहार किया गया।इस बात को लेकर विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष हसरत हुसैन के नेतृत्व में लगभग तीन दर्जन माताओं ने तरवारा थानाध्यक्ष को आवेदन देकर कारवाई हेतु गुहार लगाई है।समिति के पदेन अध्यक्ष हसरत हुसैन का कहना है कि उक्त दबंग व्यक्ति की पत्नी आसमां खातून विगत छः वर्षों से सचिव हैं।

नियमावली के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं की माताओं का ही निर्वाचन सदस्य पद के लिए हो सकता है।जबकि आसमा खातून का कोई भी लड़का इस विद्यालय का छात्र नहीं है। फिर भी वो जबरदस्ती सचिव बने रहना चाहती है और इस बात का पुरजोर समर्थन प्रधानाध्यापक सुनील कुमार यादव भी कर रहे हैं।प्रधानाध्यापक सुनील कु. यादव विद्यालय में किए जा रहे कथित अवैध कामों में भागीदार हैं।
*ये है चुनाव की प्रक्रिया…..*शिक्षा विभाग के नियमावली के अनुसार विद्यालय शिक्षा समिति में कुल 18 सदस्य होते हैं ।

जिसमे अध्यक्ष :- वार्ड सदस्य (पदेन ),प्रधानाध्यापक – पदेन सदस्य,वरीय शिक्षक – पदेन सदस्य,पिछड़ा वर्ग से दो माताएं,अति पिछड़ा वर्ग से दो माताएं,अनुसूचित जाति/जनजाति से दो माताएं,सामान्य जाति की दो माताएं तथा

नि:शक्त छात्र की एक माता सदस्य होती हैं।इन नौ माताओं का निर्वाचन उपस्थित माताओं में से सर्व सम्मति से या वोटिंग करा कर की जाती है।इन्ही निर्वाचित सदस्यों में से एक का निर्वाचन सचिव पद के लिए किया जाता है।अगर किसी कोटि की माता नहीं हैं या बैठक में नहीं आती हैं तो वह पद रिक्त रहता है।

इनके अलावे जीविका दीदी के लिए एक पद,महिला सामाख्या के लिए एक पद,विद्यालय में कार्यरत बाल संसद और मीना मंच की एक -एक छात्र/छात्रा ,विद्यालय के भूमिदाता प्रतिनिधि (अगर विद्यालय में भूमि संबंधित कागजात उपलब्ध है तदा उनका बच्चा विद्यालय में पढ़ता है तो रहेगा, अन्यथा रिक्त रहेगा) तथा संकुल समन्वयक आमंत्रित सदस्य होते हैं।

गौरतलब हो कि इस समिति में मुखिया के लिए कोई स्थान नहीं है तथा विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं की माताओं को छोड़कर दादी-चाची के लिए भी कोई स्थान नहीं है।