*सीवान में एक हत्या के मामले में न्यायालय ने पति- पत्नी को दिया आजीवन कारावास की सजा*
*✍श्रीनारद संवाद के लिए डाक्टर सुधीर सिंह उर्फ नन्हें की रिपोर्ट*
🔸सीवान के पचरूखी थाना क्षेत्र के भरतपुरा गांव में 24 जुलाई 2015 को हुए एक हत्या के मामले में शनिवार को सीवान सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराए गए पति पत्नी को सश्रम आजीवन कारावास  की सजा एवं  50-50 हजार रुपये अर्थदण्ड का आदेश दिया .
न्यायालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एडीजे -5 मोहम्मद  एजाजुद्दीन  की अदालत ने पचरुखी थाना क्षेत्र  के भरतपुरा  गांव में सड़क से आने जाने को लेकर हुए एक विवाद में अपने ही गावँ के ह्र्दयानन्द सिंह को चाकू एवं  हँसिया से प्रहार कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया था जिसके बाद सदर अस्पताल आने के क्रम में उनकी मौत हो गयी .इस घटना को लेकर मृतक के भाई  बाबू चरण सिंह ने  पचरुखी थाने में अपने ही गांव के राम प्रवेश सिंह एवं  उनकी पत्नी विद्यावती देवी के विरुद्ध नामजद प्रथमिकी दर्ज कराई थी.न्यायालय ने जुर्माने की 85 प्रतिशत राशि पीड़ित के परिजनों को देने का भी आदेश दिया है .पुरे मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह( क्रमाम 01 ) ने तो अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रविन्द्र नाथ शर्मा ने बहस किया.