सीएए व एनआरसीसी कानून के विरोध में बिहार बंद पर सड़क उतरे वाम दल

◆माले के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने शहर के विभिन्न मार्ग पर निकला मार्च
◆ जेपी चौक पर हुयी सभा, गोपालगंज व जेपी पर रहा पूर्णत: जाम
◆कानून के खिलाफ लामबंद होने की लोगों ने ली शपथ

परवेज अख्तर/सिवान;
सीवान. मोदी सरकार द्वारा एनआरसी लागू करने व संविधान विरोधी नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ वामदलों के संयुक्त आह्वाहन पर बिहार बंद के तहत भाकपा माले सड़क पर उतरा. गुरुवार को भाकपा माले कार्यालय से सुबह सात बजे जुलुस निकाला गया. इसके बाद जेपी चौक व शहीद चंद्रशेखर प्रतिमा स्थल पर कार्यकर्ता पहुंचे. जेपी चौक व गोपालगंज मोड़ को जाम करते हुये अवागमन पूर्णत: बंद करा दिया. इसके बाद घूम-घूम कर व्यवसायियों से बंद की अपील की गई. बंद का व्यापक सर्मथन मिला. इसके बाद माले नेताओं ने जेपी चौक व गोपालगंज मोड़ पर सभा भी हुयी.
माले जिला सचिव व केंद्रीय कमेटी सदस्य ने कहा कि पूरे देश में धर्म के आधार पर नागरिकता देने का विरोध हो रहा है. प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसायी जा रही है. पूरे असम को सेना के हवाले कर दिया गया है. एनआरसी व नागरिक संशोधन बिल का खामियाजा गरीबों को ही भुगतना होगा. धर्म के नाम पर नागरिता देश के संविधान व लोकतंत्र के खिलाफ है. यह भाजपा की गरीब विरोधी नीति है. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य को ठीक करने के बजाय भाजपा देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने में लगी है, जो संविधान व लोकतंत्र विरोधी कदम है.
पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने कहा कि किसानों पर कर्ज है, लेकिन अडानी-अंबारी और माल्या के कर्ज माफ हो रहे हैं. देश मोदी व भाजपा का नहीं, देश के आम नागरिकों का है, जो यहां रह रहे हैं. किसी जाति या धर्म के हो, धर्म के आधार पर देश में कानून बनाना बिल्कुल गलत है. इसके खिलाफ संघर्ष होना ही चाहिए.
ऐपवा नेत्री सोहिला गुप्ता ने कहा कि भाजपा के नेता और विधायक आज बलात्कार कर रहे हैं. बेटी बचाओ का नारा देने वाली भाजपा कठुआ, उन्नाव व सहरानपुर के बलात्कारियों को बचाने में लगी हैं. कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है. मोदी व अमित शाह ही सरकार व संविधान है. बंदा को सीवान में इंसाफ मंच ने भी समर्थन दिया. इंसाफ मंच के जिलाध्यक्ष एसरार अहमद, जिला सचिव शाहीद अहमद ने भी बंद को संबोधित किया. इस मौके पर योगेंद्र यादव, जयनाथ यादव, शफी अहमद, हंसनाथ राम, बच्चा प्रसाद, उपेंद्र गोंड, अशोक प्रजापति, युगुल किशोर, शीतल पासवान, मंजीत कौर, जयशंकर पंडित, विकास यादव, प्रदीप कुशवाहा आदि प्रमुख रुप से मौजूद रहे.
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