सिवान : सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए आगे आएं महिलाएं : डीएम
✍🏻कुमार विपेंद्र

सीवान : पचरुखी गांधी स्मारक हाई स्कूल में 21 जनवरी को बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध बनने वाली मानव श्रृंखला की समीक्षात्मक बैठक को लेकर शनिवार को जिला पदाधिकारी महेंद्र कुमार पचरुखी में पहुंचे।स्कुल कैम्पस में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए श्री कुमार ने कहा कि विगत वर्ष की ही तरह इस वर्ष भी मानव श्रृंखला बननी है।इस बार यह दहेज प्रथा और बाल विवाह उन्मूलन से संबंधित है।डीएम श्री कुमार ने महिलाओं की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में महिलाओं की भूमिका बड़ी अहम है।इसके लिए वे आगे आएं।दहेज प्रथा जहा एक सामाजिक विषमताओं का कारण बनता है वहीं बाल विवाह बच्चों का बचपन छीन लेता है।

इसके बाद डीएम ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि मानव श्रृंखला में  भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जायेगा।जिलाधिकारी ने सभा के अंत में सभी को दहेज नहीं लेने और बाल विवाह नहीं करने की शपथ दिलाई।
प्रखंड में बनने वाली मानव श्रृंखला के रूट की जानकारी देते हुए डीटीओ सह पचरुखी के वरीय प्रभारी कृष्णा मोहन शर्मा ने बताया कि पिछली बार प्रखंड में 27 किलोमीटर मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया था।इस साल पचरुखी में कुल 30 किमी मानव श्रृंखला बनानी है।
श्री प्रसाद ने  बताया कि इस बार हाईकोर्ट के निर्देशानुसार वैकल्पिक रूट के तौर पर एसएच 73 सिवान-सोनहो पथ चालू रहेगा।जबकि एनएच 85 पर पूर्ववत मानव श्रृंखला का निर्माण किया जाएगा।वहीं इस बार पचरुखी भवानी मोड़ से चौमुखा-नैनपुरा-सहलौर हाता-निजामपुर मोड़-सहलौर बाजार–सुरवाला गांव से होते हुए मठनपुरा तक मानव श्रृंखला बनायी जाएगी।
सभा को उप विकास आयुक्त,अपर समाहर्ता ,पचरुखी अंचल पदाधिकारी,प्रखंड प्रमुख,जिला पार्षद,समन्वयक मुन्ना कुमार, वार्ड सदस्य संघ के प्रखंड अध्यक्ष हसरत हुसैन आदि ने भी संबोधित किया।मंच का संचालन सीओ गिन्नीलाल प्रसाद तथा धन्यवाद ज्ञापन बीडीओ डा•मो•इस्माईल अंसारी ने किया।
मौके पर बीआरपी श्रीकांत,सज्जाद अली,संकुल समन्वयक राकेश कुमार सिंह, विकास कुमार, राजीव रंजन,रामानंद सिंह,अजय कुमार, दिनेश प्रसाद,सुभाष प्रसाद गुप्ता, प्रधानाध्यापक संजीव कुमार,धर्मेंद्र सिंह, विवेक पटेल,अजय कुमार,अनिल कुमार सिंह,सुनील कुमार सिंह, शिक्षक,जीविका,आंगनबाडी कार्यकर्ता समेत हजारों लोग मौजूद थे।
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बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ पचरुखी के अंचल सचिव जयप्रकाश सिंह ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ शिक्षक समाज हमेशा से आगे रहा है।लेकिन शिक्षकों को केवल उपयोग करने वाले अधिकारी और कर्मचारी को शिक्षकों की उपेक्षा भारी पड़ेगी।उन्होंने कहा कि पचरुखी की सभा में साठ फीसदी शिक्षक ही थे।फिर भी किसी भी अधिकारी द्वारा अपने संबोधन में उनका नाम नहीं लिया जाना शिक्षक समाज के प्रति अधिकारियों की मानसिकता को दर्शाता है।