सिवान :टोला सेवक ने दिया समाहरणालय पर धरना
#परवेज अख्तर /सिवान:-टोला सेवक द्वारा ज्ञापनहम लोगों के पोषक क्षेत्र मे दूर दूर तक अब कोई असाक्षर महिला नहीं बची हैं। दूसरी क्षेत्र या ग्रामीण स्तर पर भी प्रेरक, वरीय प्रेरक एवं भिढढी के द्वारा महिलाओं को साक्षर किया जा चुका है। हम लोग के द्वारा जो भी महिला साक्षर हुई किसी भी लाभ योजना या प्रशिक्षण से नहीं जोडा गया।जिससे पूर्व से साक्षर महिला इस कार्यक्रम को सुढा एवं मजाक का केन्द्र बना दिया गया है,ऐसा रखी है।विभाग द्वारा असाक्षर महिला को समय से न कितब न टी. एल. एम. उपलब्ध कराया जाता है। अनुथक्ल अधिकारी एवं प्रखंड कोटिनेटर द्वारा केन्द्र पर महिता के नाम पर कार्य मुक्त करा देने की धमकी देकर आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जाता है। या कि प्रेरक, वरीय प्रेरक के साथ साढ गांढ तथा टोला सेवक।शिक्षा स्ववं सेवक से भेद नाव एवं सौतेलापन्न व्यवहार प्रखंड से जिला तथा राज्य तक अधिकारियों का सोच वन गया है।जिसका उदाहरण 18मार्च 2018 का साक्षरता महापरीक्षा है।ऐसी स्थिति परिस्थिति मे हम लोग कैसे इस अभियान को एवं सरकार की अच्छी सोच को आगे बढाने का काम कर सकते है।हलोग के प्रति उदासीन और कुछ भी नहीं सुनने को तैयार जनशिक्षा निदेशक द्वारा भी शोषण के शिकार है।दो सालो मे कितने टोला सेवक शिक्षा स्ववं सेवक अपनी मृत्यु शिकार हो गये और बाकी कर्मियों को भी अपनी जान गवाने की नौबत आ गई है। जिससे आगे निदेशक का भेद भाव निर्णय की प्रताडऩा झेलना हमलोग के लिए मुश्किल हो गया है।इस बात को हमलोग 5मार्च 2018 कै मुख्यमंत्री कार्यालय पटना मे श्रीमान अतीश चन्द्रा एवं गोपाल जी सर समकक्ष भी रख चुके है। श्रीमान से आग्रह है कि पूर्व मांग जन शिक्षा विभाग से हटाकर वापस सर्वशिक्षा विभाग मे किया जाय। अगर ऐसा नहीं होता है तो जन शिक्षा निदेशक के भेद भाव सोच के हमलोग शिकार हो जायेंगे।या साक्षर बिहार कार्यक्रम मे महिला साक्षरता कार्य से हमलोग को मुक्त करते हुऐ समुदाय के बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधार ,विधालय मे हमानजनक उनकी उपस्थिति तथा पूर्व के आर्दश विधालय मे पढन पाढन मे कमजोर बच्चों पर टोला सेवक शिक्षा स्ववं सेवक से विशेष मद लिया जाय। साथ ही साक्षर बिहार योजना से लोक शिक्षा केन्द्र की सारी जवाबदेही हमलोग को दिया जाय।और इस कार्यक्रम का स्थानीय अधिकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं विधालय प्रधान को बनाया जाय।यदि हमलोग की ये छोटी सी मांग पुरी नहीं होती है तो हमलोग जनशिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी से लेकर जनशिक्षा के निदेशक के भेद भाव नीति के खिलाफ एवं उनकी तुगलकी करना के विरुद्घ मे लगतार चरणबद्ध आदोलन जारी रखेंगे।जो आनेवाले समय मे जिला से प्रदेश स्तर पर हो सकती है ।अतः श्रीमान से विनम्र आग्रह है की उपरोक्त तथ्यों के आधार पर हमारी मागों को गभीरता से लेकर भेद भाव महाजाल से बाहर करने की कृपा करे इसके लिए हम सभी सदा आपका अभारी रहेंगे।




Recent Comments