प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना रौशनी का सपना

धर्मेंद्र रस्तोगी
छपरा, 23 मार्च। कड़ी मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के बल पर बिहार के सारण की बेटी रौशनी कुमारी ने यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की इंटरमीडिएट कला संकाय परीक्षा में रौशनी ने 95 प्रतिशत अंक (475 अंक) हासिल कर पूरे राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इस शानदार उपलब्धि के साथ वह सारण जिले की टॉपर भी बनी हैं। प्रमंडलीय मुख्यालय सारण के छपरा शहर के मौना हुस्से क्षेत्र निवासी संजय कुमार गुप्ता और पूनम देवी की पुत्री रौशनी एक साधारण परिवार से आती हैं। क्योंकि उनके पिता शहर में एक छोटी सी किराना दुकान चलाकर घर परिवार का भरण- पोषण करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद रौशनी ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और निरंतर मेहनत करती रहीं।

राज्य स्तर पर टॉप 5 में जगह बनाने वाली इंटर (आर्ट्स) की छात्रा के पिता संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि रौशनी कुमारी शहर के श्रीनंदन पथ स्थित विशेश्वर सेमिनरी स्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से घर परिवार सहित स्कूल और जिले के अलावा राज्य को गौरवान्वित की है। वहीं विषयवार अंक देखा जाए तो इतिहास में 97, अंग्रेजी में 90, भूगोल में 95, हिंदी में 95 और राजनीतिक विज्ञान में 98 अंक प्राप्त कर पांचों विषयों में उत्कृष्ट (डिस्टिंक्शन) हासिल की है, जो उनकी मेहनत और प्रतिभा का स्पष्ट प्रमाण है। रौशनी की इस सफलता से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। मोहल्ले और आसपास के लोग भी उनकी उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छपरा और सारण जिले के लिए प्रेरणा बन गई है।

टॉप 5 में स्थान पाने वाली रौशनी कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता का त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। रौशनी ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेरे माता- पिता ने कभी पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। हालांकि रौशनी ने अपने सपना को लेकर बताया कि प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करनी है। रौशनी की कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को छोटा मान लेते हैं। लेकिन रौशनी ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर मुश्किल रास्ता भी मंजिल तक पहुंचा सकता है। शायद यही कारण है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे महत्वपूर्ण नारा देने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार की है।