बेतिया – बगहा:– बाल्मीकिनगर वीटीआर में सुरक्षा और विकास को लेकर केन्द्रीय टीम ने ईडीसी के साथ बैठक कर जाना हालात

न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा बगहा प.च बिहार:–
वन प्रमंडल एक और दो के वनक्षेत्रो में मुल्याकंन करने के साथ साथ केन्द्रीय टीम ने मदनपुर में ईडीसी के साथ बैठक कर सुरक्षा व विकास का समीक्षा किया
केन्द्रीय टीम ने सभी आठ वनक्षेत्रो और उदयपुर वन आश्रयणी क्षेत्र की मुल्याकंन रिपोर्ट संग्रहण कर लौटी
टीम ने जंगल के गोद में बसे गांवों को इको टूरिज्म से जोड़ने का दिया संकेत
वीटीआर में भोपाल से पहुची केन्द्रीय टीम ने सभी वनक्षेत्रो में आर्थिक मुल्याकंन करने के बाद गुरुवार को वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन विश्रामागार में ईको विकास समिति के साथ बैठक की। टीम ने ईको विकास समिति से जंगल व जानवरों की सुरक्षा, विकास पर जानकारी लेन देन किया। तथा ईडीसी से सहयोग की अपेक्षा करते हुए उन्हें नयी सिस्टम कि जानकारियां दी। केन्द्रीय टीम के लीडर प्रोफेसर मधु वर्मा ने कहा कि वीटीआर समेत देश के हर टाईगर रिजर्व में ईको विकास समिति का गठन हुआ है तथा हों रहा है।ईडीसी के प्रस्ताव पर टाईगर रिजर्व और डब्लू डब्लू एफ की ओर से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक का हालात क्या है।इसका आर्थिक मुल्याकंन के लिए भारत सरकार का उपक्रम नेशनल टाइगर कन्जरवेशन आथोरेटि के पहल पर यह टीम पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह टीम वीटीआर के वन प्रमंडल एक और दो के वनक्षेत्रो और उदयपुर वन आश्रयणी क्षेत्र में कोर और बफ्फर एरिया, जंगल और जानवरों का विकास,वन औषधि, नदी नालों,का आर्थिक मुल्याकंन कर रिपोर्ट संग्रहण कर लिया गया है।इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को दी जायेगी। अंतिम दिन यह केन्द्रीय टीम वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन विश्रामागार में ईको विकास समिति के साथ बैठक कर हालात जाना। इस बैठक में टीम के साथ वन प्रमंडल दो के संलग्न अधिकारी अम्बरीश कुमार मल व डब्लू डब्लू एफ के परियोजना पदाधिकारी शारिक शफी आदि मौजूद रहे।यह जानकारी देते हुए आईएफएस अम्बरीश कुमार मल ने बताया कि यह टीम अब हुए सुरक्षा व विकास का आर्थिक मुल्याकंन कर ईडीसी से सुरक्षा व विकास के लिए सहयोग करने के लिए अपेक्षा की हैं। इस बैठक में केन्द्रीय टीम ने जंगल के गोद में बसे गांवों को इको टूरिज्म से जोड़ कर उसे विकसित करने का संकेत दिया है।यह टीम सभी वनक्षेत्रो से आर्थिक मुल्याकंन रिपोर्ट लेकर लौट गई।