
बिहार में अब पढ़- लिखकर आगे बढ़ रही हैं मुस्लिम समुदाय की बेटियां
धर्मेंद्र रस्तोगी।
छपरा, 23 मार्च। कभी सामाजिक बंदिशों के कारण मुस्लिम समुदाय की बेटियों की शिक्षा सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और परिवारों के सहयोग से आज हर घर की बेटियां पढ़- लिखकर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। क्योंकि वह न केवल स्कूल- कॉलेजों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। अभिभावकों की सोच में आए सकारात्मक बदलाव ने बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, जिससे वे परिवार और समाज का नाम रोशन कर रही हैं। जिसका उदाहरण सारण जिले के एकमा प्रखंड अंतर्गत रसूलपुर थाना क्षेत्र से आई है। जहां की बेटी नीलू परवीन ने इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए वाणिज्य संकाय में जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। घूरापाली गांव स्थित एसडीडी कॉलेज की छात्रा नीलू ने कुल 459 अंक प्राप्त कर यह उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है। नीलू की इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सारण जिला मुख्यालय से लगभग पचास किलोमीटर दूर रसूलपुर (एकमा) के बेनौत गांव निवासी नीलू परवीन साधारण ग्रामीण परिवेश से आती हैं। उनके पिता फिरोज अली केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में कार्यरत हैं, जबकि माता संगीदा बीबी कुशल गृहिणी हैं। पिता की नौकरी के कारण घर की जिम्मेदारियों के साथ- साथ बच्चों की पढ़ाई का पूरा ध्यान उनकी मां ने ही रखा, जिसका परिणाम आज हम सभी के सामने है। नीलू अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां की मेहनत, मार्गदर्शन और त्याग को देती हैं। वहीं उक्त कॉलेज के प्राचार्य मनोज सिंह ने नीलू की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल कॉलेज बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि नीलू शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं और पढ़ाई के प्रति बेहद समर्पित रही हैं। नीलू परवीन का सपना चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है। वह आगे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं, ताकि अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन कर सकें। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।




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