*गजब है यार, अब तुम तय करोगे की एक पत्रकार प्रश्न कैसे व क्या पूछेगा.*
*✍नवीन सिंह परमार*
{ प्रधान संपादक }
दैनिक खोज खबर, “हिन्दी न्यूज वेबपोर्टल”

♨कल तक NDTV साथ खङे इस देश के मैकाले पुत्र तथाकथित बुद्धिजीवी, आज लालूप्रसाद यादव प्रकरण में Republic पर अंगुरी उठा रहें है.
कल तक प्रेस की आजादी के लिए भौंकने वाले मैकाले पुत्र बुद्धिजीवी व डिजाइनर पत्रकार आज लालूप्रसाद यादव के लिए सहानुभूति जुटाने में लगें है. तर्क दे रहें है कि लालूप्रसाद की तो आदत ही ऐसी है. लेकिन पत्रकार का भी रूख अच्छा नहीं था.
गजब है यार, अब तुम तय करोगे की एक पत्रकार प्रश्न कैसे व क्या पूछेगा.
एक बात और मन को कचोटे जा रहीं है कि
NDTV के कार्यालय पर हुए छापेमारी के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया पर जमा होकर विधवा विलाप करने वाले देश के डिजाइनर पत्रकार लालूप्रसाद यादव के प्रकरण में कहां मुंह छिपाएं हुए है.
दिल्ली में लालूप्रसाद यादव ने Republic के पत्रकार के साथ जो व्वयहार किया, उसका मैं निन्दा करता हूँ. साथ ही साथ इस प्रकरण पर मैकाले पुत्र तथाकथित बुद्धिजीवियों व डिजाइनर पत्रकारों की चुपी की भी निन्दा करता हूँ.
*👉श्रीनारद संवाद सेवा-सीवान*




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