दैनिक खोज खबर/रसूलपुर (एकमा)। जिले में बढ़ रही भूमि विवाद पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से “सारण पुलिस आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत सारण के पुलिस कप्तान डाॅ कुमार आशिष बुधवार को एकमा थाना पहुंचकर जनता दरबार का आयोजन किया ताकि समाज के दबे कुचले आर्थिक रूप से कमजोर फरियादी को जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़े और स्थानीय स्तर पर उन्हें लाभ मिल सके,इसमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा फरियादियों के मामले की जन सुनवाई की गयी जिनमें रंगदारी की मांग का आरोप,सीएसपी संचालक द्वारा अवैध रूप से पैसे की निकासी के साथ अधिकांश  भूमि विवाद से जुड़े मामले थे इसके लिए एकमा के सीओ राहुल शंकर को भी बुलाया गया था. एसपी के द्वारा लोगों की बारी-बारी से समस्याएं सुनी गयी. इस दौरान एकमा व रसूलपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांव से आये फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्या एसपी के समक्ष रखा.उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लगातार जनता दरबार का आयोजन का किया जा रहा है. जिससे अधिक अधिक से मामले की जन सुनवाई संभव हो सके व दूरदराज से आये फरियादियों को इसका लाभ मिल सके इसके लिए उन्होंने आम जनता से पुलिस के कार्यों में सहयोग करने व आपस में सामंजस्य व समन्वय स्थापित कर रहने की अपील की ताकि समाज में शांति व्यवस्था कायम हो सके और समाज का पूर्ण विकास हो सके.

पत्रकार पर दर्ज प्राथमिकी के मामले में एसपी ने जांच के दिए निर्देश

दैनिक खोज खबर/रसूलपुर (एकमा)। पत्रकारों  का शिष्टमंडल बुधवार को सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष से मिला. वे सारण पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत एकमा पहुंचे थे. शिष्टमंडल ने एक दैनिक अखबार के संवाददाता देवेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ एकमा प्रखंड अंतर्गत रसूलपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश प्रसाद के द्वारा रंगदारी मांगने को उकसाने के मामले में रसूलपुर थाना में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी की आवेदन सहित जानकारी दी और जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की. शिष्टमंडल ने एसपी को बताया कि जनहित में प्रकाशित खबरों से नाराज मुखिया प्रतिनिधि ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर यह काम किया. एसपी ने इस मामले में खेद जताते हुए शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि अपने स्तर से मामले की जांच करायेंगे. इसके लिए एसडीपीओ को निर्देश दिया गया है. शिष्टमंडल ने एसपी को बताया कि मुखिया प्रतिनिधि द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कई त्रुटियां हैं. आवेदक का पूरा नाम भी गलत दिया गया है. पत्रकार के विरुद्ध रंगदारी के तहत मुकदमा का कोई औचित्य नहीं बनता है. शिष्टमंडल में सीनियर पत्रकार बीरेश सिंह, मोतीचंद,देवेन्द्र कुमार सिंह, अमित सिंह, निपुन सिंह, विनीत कुमार,देवकुमार शर्मा, कमल कुमार सेंगर, सुनील पंडित समेत अन्य लोग शामिल थे.