विदेशों को दी जा रही आर्थिक मदद में बड़ी कटौती करेगा अमरीका
अब्दुल मुत्तलिब रज़ा
अमरीका ने विदेशी रक्षा बजट में बड़े पैमाने पर कटौती की कोशिश आरंभ कर दी है जिससे उन देशों में चिंता उत्पन्न हो गई है जिन्हें अमरीका से वित्तीय सहायता मिल रही थी।
वाइट हाउस की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार विदेशों में कूटनीति, सहायता और कार्यक्रमों पर होने वाले ख़र्चे में 29 प्रतिशत की कटौती की जानी है। वाइट हाउस की कोशिश है कि अमरीकी विदेश मंत्रालय के तहत चलने वाले इन कार्यक्रमों को बंद कर दिया जाए और इससे बचने वाले फ़ंड को अमरीका के रक्षा बजट पर ख़र्च किया जाए।
वाइट हाउस के बजट दस्तावेज़ के अनुसार वर्ष 2018 के लिए अमरीका का कुल रक्षा बजट 603 अरब डालर का होगा जो पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा के आगामी वित्तीय साल के लिए प्रस्तावित रक्षा बजट से लगभग 3 प्रतिशत अधिक है। 603 अरब डालर के इस बजट में परमाणु हथियारों के प्रोग्रामों और अन्य रक्षा प्रोग्रामों के अलावा रक्षा मंत्रालय के लिए भी फंडिंग शामिल है।
विदेशों में बजट की इस कटौती से इस्राईल और मिस्र प्रभावित नहीं होंगे।
अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अब समय आ गया है कि बाक़ी दुनिया से कहा जाए कि वह आगे आए और न्यायपूर्वक अपने हिस्से का भुगतान करे। ट्रम्प प्रशासन ने अपना यह प्रस्ताव कांग्रेस के सामने रखा है।
कांग्रेस के नाम अपने संदेश में ट्रम्प ने कहा कि हम कम बजट में अधिक काम करने जा रहे हैं और सरकार को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने का इरादा रखते हैं और इसके तहत विदेशों को दी जाने वाली सहायता में कटौती की जाएगी। ट्रम्प ने लिखा कि अब समय आ गया है कि सुरक्षा तथा अमरीकियों के अच्छे जीवन को प्राथमिकता दी जाए।




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