डोरीगंज (सारण): सारण जिले के दियारा और तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर में हो रही तेज वृद्धि से स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। नदी के आक्रामक तेवर को देखते हुए लोगों को वर्ष 2016 की विनाशकारी बाढ़ का दौर फिर से लौटने का डर सता रहा है।

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  • 2016 के रिकॉर्ड के करीब जलस्तर: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नदियों का वर्तमान जलस्तर वर्ष 2016 में दर्ज किए गए उच्चतम स्तर से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उससे पुराना रिकॉर्ड टूटने की पूरी आशंका है।
  • प्रभावित क्षेत्र और जनजीवन: निचले इलाकों में पानी का दबाव लगातार बढ़ने से कई जगहों पर आवागमन और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है।
  • राहत सामग्री का वितरण: बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए दियारा क्षेत्र की रायपुर वृन्दावन, कोटवापट्टीरामपुर और बड़हरा महाजी पंचायतों में प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन का वितरण शुरू कर दिया गया है। इससे लोगों को तात्कालिक राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

ग्रामीणों की निगाहें लगातार नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। हर घंटे बढ़ता पानी एक बड़े संकट की चेतावनी दे रहा है और यदि पानी का यह बहाव थमा नहीं, तो हालात और अधिक भयावह हो सकते हैं।