प्रत्येक सत्र पर 100 कर्मियों को टीका लगाने का लक्षय

छपरा। जिले में शनिवार को कोरोना के खिलाफ विश्व के सबसे टीकाकरण अभियान की शुरुआत  की गयी। जिले के नौ केंद्रों पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत  हुई। डीएम डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने सदर अस्पताल में टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि यह टीकाकरण महाअभियान स्वस्थ देश और स्वस्थ समाज के लिए बहुत जरूरी है। टीकाकरण को लेकर किसी के भी मन में किसी तरह की कोई भ्रांति नहीं होनी चाहिए। सफाई कर्मचारी और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ विशेष भूमिका निभा रहे हैं। जिले में 9 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गयी है। जहां पर चयनित स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि  दोनों डोज लगवाना जरूरी है और टीका लगवाते ही आप ऐसा कभी न करें कि कोरोना के एहतियाती उपायों को भूल जाएं। मास्‍क, दो गज की दूरी इन सभी बातों का पालन करना अभी भी जरूरी है। पहली और दूसरी डोज के बीच, 28 दिनों का अंतराल भी रखा गया है। दूसरी डोज लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध जरूरी शक्ति विकसित हो पाएगी। सबसे पहले सदर अस्पताल के सफाई कर्मी को टीका लगाया गया। टीका लगने के बाद उन्होंने  कहा कि मुझे गर्व है कि  सबसे पहले वैक्सीनेशन के लिए मुझे चुना गया। मेरे मन में किसी तरह का कोई डर नहीं है। 

इन जगहों पर शुरू हुआ टीकाकरण:
      स्थान                              लक्ष्य – टीका
• सदर अस्पताल ,छपरा             100-50
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,दरियापुर 100-80
• सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,दिघवारा 100-59
• सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गरखा  100-25
• सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मसरख 100-73
• सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनपुर 100-68
• समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एकमा   100-60
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मकेर        100-38
• अमृत हॉस्पिटल, सारण (निजी)    100-60
                                           कुल900/513

टीका लगने के बाद किया गया अवलोकन:

सीएस डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया कि  सभी टीकाकरण केंद्रों पर लाभार्थियों को आब्जर्वेशन रूम में बिठाया गया। वैक्सीनेशन के बाद उसका कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा। लाभार्थी को कैसा महसूस हो रहा। चक्कर या उल्टी आदि की शिकायत तो नहीं आदि का अवलोकन करने के लिए उन्हें केंद्र के आब्जर्वेशन केंद्र पर रखा गया । उन्हें आधा घंटा देखने के बाद घर जाने दिया गया।